ग्वालियर। अमृत सिटी योजना के तहत शहर में बिछाई जा रही सीवर की लाइनों के मिलान में रेलवे की एनओसी संकट बन गई है। नगर निगम के प्रस्ताव झांसी रेल मंडल में अटके पड़े हैं। ऐसी स्थिति में सीवर का गंदा पानी खुले नाले में बहाना पड़ रहा है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

नगर निगम प्रशासन शहर में जलालपुर, मुरार, डीडी नगर व ललियापुरा झांसी रोड पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) बना रहा हैं। पूरे शहर में सीवर की लाइन बिछाई जा रही हैं। इनका मिलान क्षेत्रों के हिसाब से एसटीपी में किए जाएंगे। लाइनों को एक दूसरे से जोड़ा जा रहा है। लेकिन कुछ स्थानों पर यह लाइनें रेल की पटरियों के नीचे से निकाली जाना हैं।

विक्की फैक्ट्री व आदर्श मिल रोड के आवेदन

ललियापुरा झांसी रोड पर अमृत योजना के तहत 4 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनना हैं। इसमें नाका चन्द्रवदनी और आसपास के क्षेत्रों की सीवर लाइन जोड़ी जाना हैं। विक्की फैक्ट्री के आगे रेलवे ब्रिज के नीचे से सीवर की लाइन निकालकर ललियापुरा प्लांट तक ले जाना है। नगर निगम ने छह महीने पहले रेलवे को एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। इसी तरह बहोड़ापुर तिराहा से आदर्श मिल रोड पर नैरोगेज रेल लाइन है। सीवर की लाइन रेल पटरियों के नीचे से निकालना हैं। इसके लिए भी नगर निगम ने 5 महीने पहले आवेदन किया है। लेकिन अब तक रेलवे ने मंजूरी नहीं दी। इस कारण सीवर का गंदा पानी खुले नाले में बहाया जा रहा है।

लोगों ने सुनाई थी पीड़ा

महापौर विवेक शेजवलकर ने आज की चाय, आपके साथ कार्यक्रम की शुरुआत आदर्श मिल रोड से ही की थी। वहां नाले में गंदा पानी और बीमारियां फैलने की क्षेत्रीय लोगों ने शिकायत की थी। महापौर ने अधिकारियों को समस्या के जल्द निदान के निर्देश दिए थे। लेकिन रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण यह समस्या हल नहीं हो रही है।

नहीं खोद सकते लाइन

रेलवे की लाइनों के आसपास या नीचे किसी भी तरह की खुदाई या अन्य कार्य बिना विभागीय मंजूरी के नहीं किया जा सकता। क्योंकि यह सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। दूसरे विभागों के आवेदनों के बाद रेलवे की तकनीकी टीम उस क्षेत्र का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देती। एनओसी के बाद काम भी रेलवे की टीम की मौजूदगी में ही होता है। ज्यादातर तो रेलवे की टीम ही काम करती है। इसके बदले कुल लागत खर्च जमा करना होता है।

इनका कहना है

विक्की फैक्ट्री, आदर्श मिल रोड सहित कुछ स्थानों पर रेल पटरियों के नीचे से सीवर की लाइनें निकालना हैं। लेकिन रेलवे से एनओसी नहीं मिल पा रही है। इस कारण सीवर का पानी खुले नाले में डालना पड़ रहा है।

आरके शुक्ला, नोडल अधिकारी सीवर प्रोजेक्ट ननि

-जल्द निपटाएंगे मामला

 

वैसे हमारी ओर से कोई देरी नहीं हो रही है। फिर भी नगर निगम ने कब आवेदन किया है, इसे दिखवाया जाएगा।

मनोज सिंह, पीआरओ झांसी रेल मंडल