सिडनी । टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी आजकल अपने नाम के अनुरुप तेज बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। पिछले कुछ समय में देखने में आया है कि धोनी की रन बनाने की गति धीमी होने से अंत में औसत इतना बढ़ जाता है कि मैच भारत के हाथ से निकल जाता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए पहले एकदिवसीय में ही ऐसा ही कुछ हुआ। इस मैच में भारतीय टीम को 34 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में धोनी की बल्लेबाजी बेहद धीमी रही और उन्होंने 96 गेंद में 51 रनों की पारी खेली। 
पिछले 4 साल में उन्होंने स्पिन के खिलाफ 4.2 प्रति ओवर की औसत से रन बनाए हैं। वहीं अगर तुलना की जाए तो युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इसके मुकाबले टेस्ट में भी ज्यादा तेजी से रन बनाये हैं। धोनी ने पहली 6 रन 37 गेंदों में बनाए थे। इसकी वजह से भी बाद में रन औसत असंभव सा बना गया। मैच में धोनी ने 32 प्रतिशत और रोहित शर्मा ने 25 प्रतिशत आक्रमक शॉट खेले थे पर धोनी से ज्यादा रोहित के शॉट असरदार रहे और उन्हें रन मिले। पिछले 10 सालों की बात की जाए तो धोनी की यह पारी भारतीय क्रिकेटरों की तीसरी सबसे धीमी पारी थी। इससे पहले अंबाती रायडू ने 2016 में जिम्बाब्वे और धोनी ने 2017 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इससे भी धीमी पारी खेली थी। तब धोनी ने 108 गेंदों में अर्धशतक बनाया था।