भारतीय बैडमिंटन टीम के राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि देश में बैडमिंटन की लोकप्रियता बढ़ी है पर अच्छे कोच बेहद कम हैं। पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने कहा, 'देश में अच्छे कोचों की काफी कमी है। ऐसे में हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती अच्छे कोच तैयार करना है।' हालात यह हैं कि अब हम विदेशी कोच पर निर्भर होते जा रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम घरेलू कोच तैयार करे।' इसी के तहत कोटक महिद्रा समूह पुलेला गोपीचंद अकादमी में एक हाई परफोर्मेंस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करेगा, जिसमें 6 एसी बैडमिंटन कोर्ट और एक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर होगा। इस केंद्र में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए न्यूट्रिशनिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट और स्ट्रेंथ एवं कंडिस्निंग विशेषज्ञों के साथ खिलाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर के कोच होंगे। कोटक महिद्रा इसके तहत कोच और खिलाडियों के समर्थन के लिए सर्टिफिकेशन और फैलोशिप कार्यक्रम भी चलाएगा। 
गोपीचंद फाउंडेशन से करार 
कोटक महिंद्र बैंक लिमिटेड (कोटक) ने खेलों में पुलेला गोपीचंद फाउंडेशन के साथ अपने सीएसआर कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया, 'यह भारतीय बैडमिंटन को आगे ले जाने के लिए नया कदम है। इस नए समझौते के तहत 'कोटक, पुलेला गोपीचंद और पुलेला गोपीचंद अकैडमी, जो फाउंडेशन का ही हिस्सा हैं, वे सभी बैडमिंटन की विश्व स्तरीय ट्रेनिंग को विकसित करने के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत बैडमिंटन में युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए अडवांस सुविधाएं और विश्व स्तरीय कोच उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मौके पर नैशनल बैडमिंटन कोच गोपीचंद ने कहा, 'पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन फाउंडेशन का लक्ष्य है कि यहां युवा खिलाड़ियों को बैडमिंटन में इंटरनैशनल चैंपियन बनाने के लिए उन्हें सही ट्रेनिंग दी जाए और उन्हें सही ढंग से तैयार किया जाए।