हमारे धर्म ग्रंथों में दैनिक जीवन से जुड़े हर काम के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। पुराने समय में इन नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है, लेकिन बदलते समय के साथ ये नियम भी बदल गए। भोजन से जुड़े कुछ नियम भविष्य पुराण में भी मिलते हैं।


भोजन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भोजन से ही हमें शक्ति मिलती है। कुछ लोग भोजन करते समय कुछ ऐसे काम करते हैं, जो नहीं करने चाहिए। इसकी वजह से अन्न का अपमान होता है। आज हम आपको भोजन से जुड़े उन्हीं नियमों के बारे में बता रहे हैं।

एक बार बैठकर पेट भर भोजन करना चाहिए। भोजन के बीच-बीच में उठकर जाने अच्छा नहीं माना जाता।

छोड़े हुए भोजन को दोबारा नहीं खाना चाहिए, इससे उम्र कम होती है। अधिक भोजन भी नहीं करना चाहिए।
कभी किसी को झूठा भोजन खाने के लिए नहीं देना चाहिए और न ही किसी का झूठा भोजन खाना चाहिए।

झूठे मुंह कहीं जाना नहीं चाहिए। यानी जब भी कुछ खाएं तो उसके बाद थोड़ा पानी जरूर पीना चाहिए।

भोजन आनन्द पूर्वक करना चाहिए। भोजन में कुछ कमी रह गई हो तो भी उसकी बुराई नहीं करनी चाहिए।

इनमें से किसी एक भी नियम को आप तोड़ते हैं तो मान कर चलिए कि मां लक्ष्मी की आप पर वह कृपा नहीं हो रही है जिसके आप हकदार हैं....