जीतेन्द्र कुमार रजक 
 
सिंगरौली / बैढ़न:- जनपद पंचायत बैढ़न अंतर्गत कार्यालय परिसर में पदस्थ समन्वयक के पद पर आशुतोष तिवारी कई सालों से जमे हुए हैं जो कि बाबू का काम करते हैं उनका कार्य कुछ और है लेकिन हैरान कर देने वाली और बातें आ गई सामने पंचायत राज संचालनालय मध्य प्रदेश भविष्य निधि कार्यालय के द्वारा दिनांक 14/07/2017  को क्रमांक / स्थानांतरण-1 / 454/  2017/ 7601 राज्य शासन के स्थानांतरण नीति वर्ष 2017 -18 के प्रावधान अनुसार निम्नलिखित पंचायत समन्वय अधिकारी के स्वयं के वर्तमान पद स्थापना स्तंभ क्रमांक 3 से नवीन पदस्थापना स्थान पर स्थानांतरण पर पदस्थ किया जाता है ,जिसमें जनपद पंचायत बैढ़न आशुतोष तिवारी स्थानांतरण जनपद पंचायत रामपुर नैकिन जिला सीधी में किया गया था।
 
 जिसके उपरांत स्थानांतरण नीति वर्ष 2017- 18  की कंडिका 11 अनुसार उपरोक्त स्थानांतरित कर्मचारियों का स्थानांतरण आदेश जारी होने के 2 सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त किया जाना अनिवार्य होगा , सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि- हैरान की बात यह है कि - आशुतोष तिवारी के द्वारा जनपद बैढ़न कार्यालय में एक पीसीओ अधिकारी के द्वारा एक और पद पर कार्य  का निर्वहन कराया जा रहा है ।
 
वहीं पंचायत राज संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल से दिनांक 30/ 01/ 2018 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली को सूचित करते हुए स्थानांतरण के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में भेजा गया उसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली द्वारा दिनांक-  09/02/ 2018 को आदेश पत्र का अवलोकन हेतु  *आदेश के तहत आशुतोष तिवारी पंचायत समन्वय अधिकारी जनपद पंचायत बैढ़न का स्थानांतरण जनपद पंचायत बैढ़न से जनपद पंचायत रामपुर नैकिन जिला सीधी के लिए किया गया था जिसका पालन अभी तक नही हुआ  है तथा पत्र क्रमांक 1145 में आशुतोष तिवारी पंचायत समन्वय अधिकारी 
जनपद पंचायत जिला सिंगरौली के पद स्थापना के संबंध में संलग्न प्रपत्र में जानकारी देने के लिए विभाग के द्वारा कई बार कहा गया लेकिन अभी तक कोई उनके द्वारा  अभी तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई कार्यवाही।
 
वही इस मामले में जिला जनपद पंचायत सीईओ व जनपद पंचायत सीईओ से भी इस मामले जानना चाहा तो उन लोगो के द्वारा कोई भी जानकारी इस मामले में नही दी गई।
 
आखिर जिले के जिम्मेदार अधिकारी कुम्भ करणीय के निद्रा में क्यों सो रहे हैं और क्यों नहीं हो रही है कार्यवाही जिले से बाहर क्यों नहीं किया जा रहा है उनका स्थानांतरण बैढ़न ब्लॉक से कार्यमुक्त क्यों नहीं कराया जा रहा है और उनसे पद विरोध कार्य क्यों लिया जा रहा है *आखिर इसका जिम्मेदार कौन?