मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि प्रदेश के 50 लाख 61 हजार किसानों का कर्ज माफ होगा. दरअसल, अब तक इतने किसानों ने कर्ज माफी के लिए दावा पेश किया है. हालांकि उन्होंने दावा किया है कि कर्ज़ लेने के बाद भी योजना का लाभ नहीं लेने वालों की भी पहचान की जाएगी. कृषि मंत्री ने यह भी कहा है कि प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, कर्ज के फॉर्म भरने की आखिरी तारीख पांच फरवरी थी. उस दिन तक कुल इतने किसानों ने कर्ज माफ़ी के लिए आवेदन दिया है. कर्ज माफी की प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां सामने आईं थीं. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी माना था कि प्रक्रिया के दौरान घोटाले हुए हैं. हालांकि उन्होंने इसके लिए पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया.वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने किसानों की कर्ज माफी योजना के लिए सहकारी संस्थाओं में अफसरों की छुट्टी को रद्द कर दिया है. सहकारी बैंकों के साथ साख समितियों के अधिकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं. कर्ज माफी की प्रक्रिया पूरी होने तक अफसर छुट्टियां नहीं ले सकेंगे.

बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने यह बड़ा वादा किया था कि सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ़ किया जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथ लेते ही पहला हस्ताक्षर कर्ज माफ़ी की फाइल पर ही किया था. इसके बाद हालांकि कर्ज माफी कि प्रक्रिया में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं.