कहते हैं वक्त के साथ सियासत बदलती है और बदलती सियासत के साथ चेहरे भी बदल दिए जाते हैं. मध्यप्रदेश भाजपा के सियासी गलियारों में इन दिनों कुछ ऐसी ही तस्वीरें नज़र आ रही है. भाजपा के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपनों में ही बेगानों की तरह नज़र आ रहे हैं. दरअसल, इंदौर में आयोजित भाजयुमो के युवा संवाद कार्यक्रम में पोस्टरों और बैनरों से शिवराज की तस्वीरें ही गायब हो गई है. मामले को लेकर जब सवाल उठे तो जिम्मेदार बगले झांकने लगे और चूक पर सफाई भी देनी पड़ी.

करीब 13 साल तक सूबे की कमान संभालने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को क्या उनकी ही पार्टी नजरअंदाज करने लगी है. यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि भाजपा के बड़े आयोजनों में भी शिवराज सिंह को याद नहीं किया जा रहा है. दरअसल, इंदौर में लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया था. इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के साथ ही युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे भी मौजूद थे.

मंच के अलावा कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर और पोस्टर्स में पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ कैलाश विजयवर्गीय और प्रभात झा की तस्वीरें लगी थीं, लेकिन इन पर शिवराज सिंह नजर नहीं आए. इतना ही नहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी तस्वीरों में नजर आये. ऐसे में सवाल उठना लाजमी था. इस मामले में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाश पांडे ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसके लिए वे स्थानीय नेताओं से चर्चा करेंगे.

बहरहाल, अपनी ही पार्टी में जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बेगाने हुए हैं, उसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले आखिर शिवराज सिंह जैसे बड़े चेहरे को नजर अंदाज कर पार्टी क्या साबित करना चाहती है?