इन्दौर । अग्रवाल समाज की 300 से अधिक महिलाओं ने आज सुबह विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम की गौशाला पहुंचकर गौ सेवा के बाद गोबर के बड़कुले बनाकर समाज की नई पौध को अपनी परंपराओं से अवगत कराया। इस अवसर पर समाज के प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी भी उपस्थित थे और उन्होंने होली के रंगारंग पर्व पर पानी की बचत के साथ ही कृत्रिम रंगों से दूर रहने की समझाईश भी दी। होलिका दहन में 20 मार्च को अग्रसेन चैराहे पर केवल गोबर के कंडों का ही प्रयोग करने का संकल्प भी किया गया। 
केंद्रीय समिति के तत्वावधान में आज विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम की गौशाला पर महिलाओं के समूह सुबह से ही पहुंचने लगे थे। अध्यक्ष अरविंद बागड़ी, महामंत्री राजेश बंसल पंप ने बताया कि महिला संयोजकों श्रीमती पुष्पा गुप्ता, शीतल तोड़ीवाला, तृप्ति गोयल एवं दीप्ति अग्रवाल के मार्गदर्शन में लगभग 300 महिलाओं ने गाय के गोबर से बड़कुलों का निर्माण किया। होली पर इन बड़कुलों की माला बनाकर होली की अग्नि में तपाकर इन्हें होली के प्रसाद एवं आशीर्वाद के रूप में घर ले जाकर रखा जाता है। दादी-नानी के समय की यह परंपरा अब लुप्त होती जा रही है। इससे समाज की नई पौध को अवगत कराने के उद्देश्य से ही समाज की महिलाओं ने यह आयोजन किया था। इस अवसर पर उषा बंसल, सारिका अग्रवाल, रूपाली अग्रवाल, अनिता ऐरन, पिंकी सिंघल, अंजलि अग्रवाल, नम्रता अग्रवाल, ज्योति मित्तल, आशा अग्रवाल, वर्षा बंसल, स्वाति गोयल, प्रज्ञा अग्रवाल सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाओं ने आकर पूरे उत्साह के साथ बड़कुलों का निर्माण किया। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने गायों को गुड़-रोटी एवं हरी घास परोसकर इस कार्य का शुभारंभ किया। अब बुधवार 20 मार्च को सांय 7 बजे अग्रसेन चैराहे पर होलिका दहन का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें केवल गोबर के कंडों का ही प्रयोग किया जाएगा। समाज के अध्यक्ष अरविंद बागड़ी एवं महामंत्री राजेश बंसल ने सभी समाजबंधुओं से अपने-अपने क्षेत्रों में होलिका दहन में गोबर के कंडों का प्रयोग करने का ही आग्रह किया है।