मुंबई । महाराष्ट्र के प्रमुख दलित नेताओं में से एक बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने अपनी वंचित बहुजन आघाडी के 37 उम्मीदवारों की घोषणा कर कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है। प्रकाश आंबेडकर ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर महाराष्ट्र की पिछड़ी जातियों धनगर, कुनबी, माली, बौद्ध, मातंग, कोली, आगरी, भील आदि को शामिल किया है। यही वर्ग कांग्रेस-एनसीपी का परंपरागत वोटर रहा है। राजनीतिक समीकरण के हिसाब से ये उम्मीदवार भले ही जीत न पाएं लेकिन कांग्रेस-एनसीपी के उम्मीदवारों के वोट जरूर काटेंगे। आंबेडकर ने सूची में उम्मीदवारों के नाम के साथ उनकी जातियां लिखी हैं। हालांकि, वंचित बहुजन आघाडी की पहली सूची में खुद प्रकाश आंबेडकर का नाम नहीं है। आंबेडकर खुद सोलापुर या अकोला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। सोलापुर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे चुनाव लड़ रहे हैं। आंबेडकर ने बाकी उम्मीदवारों की सूची अगले चार दिनों में जारी करेंगे।
उम्मीदवारों में धनगर समाज के 6, बौद्ध समाज के 4, माली समाज के 3, वंजारी समाज के 3, विश्वकर्मा समाज के 3, मुस्लिम समाज के 2, कुनबी समाज के 2, भील समाज के 2 और मराठा समाज, कोली समाज, माना आदिवासी समाज, आगरी समाज, मातंग समाज, धिवर समाज, वंडार समाज, होलार समाज, शिंपी समाज और लिगायंत समाज के एक-एक व्यक्ति को उम्मीदवारी दी गई है। प्रत्‍याशियों के नामों का ऐलान करने के बाद प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि हम परिवारवाद और जातीय वर्चस्व की राजनीति को खत्म करने की कोशिश में हैं। यदि कुछ सीटों पर चुनाव जीत गए तो सभी दलों को हमारे फॉर्म्युले को अपनाना पड़ेगा। गौरतलब है ‎कि आंबेडकर ने कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन को करारा झटका देते हुए प्रदेश की सभी 48 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। आंबेडकर ने कहा कि भाजपा विरोधी गठबंधन में शामिल होने के लिए कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी।