जीतेन्द्र कुमार रजक
सिंगरौली/देवसर:-अगर आप भी अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ मैसेज मिलने से परेशान हैं और नहीं जानते कि जो मैसेज आपको मिला है वो सही या फर्जी तो अब इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। मोबाइल नेटवर्किंग ऐप WhatsApp ने इस तरह के मैसेजेस की सच्चाई का पता लगाने के लिए मंगलवार को एक नई सर्विस शुरू की है।

खबरों के अनुसार फेक न्यूज की सत्यता परखने के लिए “चेकपॉइंट टिपलाइन” शुरू की है। इसके जरिए इस मैसेंजर का इस्तेमाल करने वाले फर्जी खबरों की सच्चाई का पता लगा सकेंगे। देश में जारी आम चुनाव के बीच यूजरों को फर्जी खबरों से बचाने के लिए WhatsApp ने यह कवायद की है।

भारत स्थित मीडिया कौशल स्टार्टअप “पीआरओटीओ” (प्रोटो) की मदद से चेकपॉइंट टिपलाइन शुरू की है। यह टिपलाइन चुनावों के दौरान अफवाहों का एक डेटाबेस तैयार करेगी ताकि चेकपॉइंट इन गलत सूचनाओं को अध्ययन कर सके। फेसबुक की मिल्कियत वाले WhatsApp ने बयान जारी कर बताया कि चेकपॉइंट एक रिसर्च प्रोजेक्ट है। इसे WhatsApp की तकनीकी सहायता से शुरू किया गया है।

इस तरह कर सकेंगे जांच

भारत के WhatsApp यूजर 91-9643-000-888 नंबर कोई भी अफवाह या फर्जी संदेश भेज सकेंगे।

चेकपॉइंट टिपलाइन पर यह मिलने के बाद “प्रोटो” वेरिफिकेशन सेंटर जांच करेगा।

जांच के बाद यूजर को जवाब देगा कि संदेश की सच्चाई की पुष्टि हो रही है या नहीं।

यह भी बताया जाएगा कि सूचना या संदेश सत्य, गलत, भ्रामक, विवादित या जांच के दायरे से बाहर है।

जांच सेंटर फोटो, वीडियो लिंक और अंग्रेजी तथा चार क्षेत्रीय भाषाओं हिंदी, तेलुगु, बंगाली व मलयालम में टेक्स्ट मैसेज की पड़ताल कर सकेगा।

फेसबुक के भारत में 20 करोड़ यूजर

भारत के सोशल मीडिया बाजार में फेसबुक के 20 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। उसे हाल ही में देश में मॉब लिंचिंग (उन्मादी भीड़ द्वारा हिंसा) की घटनाओं व उनसे संबंधित अफवाहों के WhatsApp पर जारी होने को लेकर हाल ही में भारत सरकार की कड़ी नाराजगी झेलनी पड़ी थी। सरकार ने उसे फर्जी सूचनाओं, संदेशों व फोटो रोकने के कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसी कारण पिछले साल उसने WhatsApp पर एक बार में पांच से ज्यादा लोगों को मैसेज फॉरवर्ड करने पर रोक लगाई है।

मीडिया में अभियान चला कर यूजर्स को फर्जी संदेश का पता लगाने के तरीके बताए जा रहे हैं। सरकार ने सभी सोशल साइट्स को सख्त निर्देश दिए है कि वह अनुचित तरीकों से देश के वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश ना करें। यदि ऐसा करते पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फेसबुक डिलीट कर चुका सैकड़ों पेजचुनावों के बीच ही फेसबुक ने सोमवार को कांग्रेस की आईटी सेल से जुड़े 687 पेज व अकाउंट डिलीट कर दिए हैं।