इनफर्टीलिटी का दर्द झेला, फिर मदद के लिए बनाया स्‍टार्टअप, उद्यमी बनी,अब अंतरराष्‍ट्रीय मंच मिलेगा मौका – fertilitydost selected to represent india global platform femtech lab delsp – News18 हिंदी

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नई दिल्‍ली. महिलाओं के इनफर्टीलिटी की समस्‍या का समाधान करने वाले स्‍टार्टअप  फर्टिलिटीदोस्त को अंतरराष्‍ट्रीय मंच में शामिल होने के लिए चयन किया गया है. इस मंच पर आने वाले 15 देशों के 40 स्‍टार्टअप्‍स में फर्टिलिटीदोस्त देश का इकलौता स्‍टार्टअप है. फेमटेक लैब द्वारा चयनित फर्टिलिटीदोस्त लंदन में होने वाले आयोजन में शामिल होगा और विदेशी निवेश की पहल करेगा. गौततलब है कि यह स्‍टार्टअप एक महिला उद्यमी द्वारा चलाया जा रहा है जो पूर्व में फर्टिलिटीदोस्त झेल चुकी हैं.

फेमटेक लैब ने स्‍टार्टअप की मदद से विश्‍वभर की एक बिलियन महिलाओं की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍या को दूर कर जीवन सुधारने का लक्ष्‍य रखा है. इस कार्यक्रम के लिए विश्‍वभर से स्‍टार्टअप से आवेदन मांगे गए थे. कई दौर की हुई चयन प्रकिया में फर्टिलिटीदोस्त की संस्‍थापक गीतांजलि बनर्जी को अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर देश को प्रति‍निधित्‍व करने के लिए चयन किया गया है. इस कार्यक्रम में 15 देशों के 40 स्‍टार्टअप का चयन किया गया है, जिसमें देश से इकलौता स्‍टार्टअप है, जो इनफर्टीलिटी से परेशान महिलाओं की समस्‍या का समाधान कर रहा है.

रिकार्ड के अनुसार पूरे विश्‍व में 4.8 करोड़ इनफर्टीलिटी की समस्‍या से पीडि़त हैं, जिनमें से 3 करोड़ जोड़े इस समस्‍या से ग्रसित हैं, यानी कुल इनफर्टीलिटी जोड़ों में में करीब दो तिहाई भारत के हैं. फर्टिलिटीदोस्त एकमात्र डिजिटल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो इनफर्टीलिटी का समाधान करता है.  यह एक क्लिनिक नहीं है जो केवल आईवीएफ तक ही सीमित है. बल्कि दंपति को शुरू से गाइड करता है जब से वे बच्‍चे की योजना बनाते हैं. स्‍टार्टअप ने अभी तक 50 हजार से अधिक दंपति की मदद की है और 5000 दंपति को बच्‍चे के माता पिता बन चुके हैं.

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खुद दर्द झेला, तब आया आइडिया

फर्टिलिटीदोस्त की संस्थापक गीतांजलि बनर्जी, जिन्होंने खुद 10 वर्षों तक इनफर्टीलिटी  से परेशान रहीं. वे बताती हैं कि ओवेरियन कैंसर, मिसकैरेज और आईवीएफ फेल होने की वजह से दर्द झेला. डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि वे मां नहीं बन सकती हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और परिजनों के सलाह के बाद फिर से आईवीएफ की कोाशिश की, वो सफल रहा, उनके लिए यह एक चमत्कार जैसा था. डिलेवरी होने के बाद तय किया कि ऐसे जोड़ों के लिए कुछ करना करेंगी. वहीं से स्‍टार्टअप शुरू किया.

Tags: Health



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