Wednesday, August 10, 2022
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केंद्र के साथ बड़े टकराव की तैयारी में तेलंगाना के सीएम, नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लेंगे


नई दिल्ली. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अब सीधे-सीधे केंद्र सरकार से बगावत के मूड में हैं. हैदराबाद में प्रधानमंत्री मोदी की कई बार आगवानी नहीं करने के कारण पहले से ही आलोचनाओं को झेल रहे के चंद्रशेखर राव ने रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं लेने का फैसला किया है. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है. पिछले कुछ महीनों से पीएम के साथ केसीआर के टकराव की यह नवीनतम श्रृंखला है.

केसीआर ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में राज्यों को समान साझीदार नहीं बनाने और केंद्र सरकार द्वारा भेदभाव किए जाने के विरोध स्वरूप वह नीति निर्माण संबंधी प्रमुख इकाई नीति आयोग की 7वीं गर्वंनिंग काउंसिल की बैठक में शामिल नहीं होंगे. केसीआर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में केंद्र के खिलाफ अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, कल दिल्ली में आयोजित होने वाली नीति आयोग की 7वीं गर्वंनिंग काउंसिल की बैठक में विरोधस्वरूप भाग नहीं लूंगा. तेलंगाना के सीएओ की ओर से इस पत्र को ट्विटर पर भी जारी किया गया है. इसमें लिखा गया है कि केंद्र सरकार के वर्तमान रवैये के खिलाफ मुख्यमंत्री केसीआर ने नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने के अपने फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत करा दिया है.

पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार राज्यों के खिलाफ भेदभाव करती है और सभी राज्यों के साथ समान साझेदारी का व्यवहार नहीं करती. तेलंगाना के सीएम केसीआर पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भी हैदराबाद दौरे पर आगवानी के लिए नहीं पहुंचे. इसे लेकर देश भर में उनकी आलोचना हो रही है. पीएम मोदी के खिलाफ केसीआर के बयान भी पिछले कुछ महीनों से काफी तल्ख आ रहे हैं. उन्होंने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार भारत को मजबूत बनाने के लिए सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार नहीं करती और राज्यों के खिलाफ भेदभाव वाली नीति अपनाती है. केसीआर ने आगे लिखा है, इन सब कारणों से मुझे नीति आयोग की बैठक में शामिल होना औचित्यपूर्ण नहीं लगता है.

केसीआर ने पीएम को लिखे चार पन्नों के अपने पत्र में कहा है, राज्यों को अपने लोगों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए उनकी जरूरतों और शर्तों के आधार पर योजनाओं को डिजाइन और संशोधित करने का स्वतंत्रता नहीं दी जा रही थी. केंद्र सरकार के माइक्रो मैनेजिंग स्कीम में मैंने पाया है कि यह राज्यों की खास जरूरतों के हिसाब से नहीं बनाई जाती है जिसके कारण इसे कुछ राज्यों द्वारा छोड़ भी दिया जाता है. केसीआर ने आरोप लगाते हुए लिखा है कि नीति आयोग ने मिशन काकतीय के लिए 5000 करोड़ और मिशन भागीरथ के लिए 19,205 करोड़ रुपये की सिफारिश की थी लेकिन केंद्र सरकार ने आज तक एक भी फंड रिलीज नहीं किया.

Tags: Telangana



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