क्या है आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल ‘कोरोनरी स्टेंट’? कितनी है कीमत, किसे पड़ती है जरूरत, जानें सब – what is coronary stent included in the list of essential medicines how much is the cost who needs it know everything – News18 हिंदी

0
23


हाइलाइट्स

कोरोनरी स्टेंट एक छलनी जैसी ट्यूब होती है जिसे धमनियों में रखा जाता है.
यह हृदय को रक्त की आपूर्ति करता है.
ताकि कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) के उपचार में धमनियों को खुला रखा जा सके.

नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘कोरोनरी स्टेंट’ को ‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची-2022’ में शामिल किया है. इसे शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है. बताया जा रहा है कि यह कदम जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों को और अधिक किफायती बनाने में मदद करेगा. आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में स्टेंट को शामिल करने की समीक्षा के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर यह फैसला किया गया है. इन सब बातों से इतर क्या आपको पता है कि आखिर ये ‘कोरोनरी स्टेंट’ क्या बला है. अगर नहीं तो हम बता रहे हैं यहां इससे जुड़े उन तमाम सवालों के जवाब जिसे आपको जानना जरूरी है.

कोरोनरी स्टेंट एक छलनी जैसी ट्यूब होती है जिसे धमनियों में रखा जाता है. जो हृदय को रक्त की आपूर्ति करती है, ताकि कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) के उपचार में धमनियों को खुला रखा जा सके जो कि हृदय रोग का सबसे आम प्रकार है. इसे एंजियोप्लास्टी या कोरोनरी इंटरवेंशन भी कहते हैं. इस प्रक्रिया में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों के अवरोध को खोला जाता है.

क्यों पड़ती है जरूरत
ऐथेरोस्क्लेरोसिस नामक हृदय रोग के उपचार के लिए एंजियोप्लास्टी की जाती है. ऐथेरोस्क्लेरोसिस कोरोनरी धमनियां में फैटी प्लाक जमने की धीमी प्रक्रिया है. जब दवाइयों या जीवन शैली के बदलाव के कारण हृदय के स्वास्थ्य पर बुड़ा असर पड़ता है या हार्ट अटैक होता है. या हृदय में दर्द बढ़ता जाता है या अन्य लक्षण दिखते हैं. तब डॉक्टर उपचार के विकल्प के रूप में एंजियोप्लास्टी की सलाह देते हैं. बाईपास सर्जरी की अपेक्षा एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय रोग की स्थिति, कोरोनरी धमनियों में अवरोध की स्थिति और कुल मिलाकर स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है.

भारत में इसकी प्राइस
भारत में ‘कोरोनरी स्टेंट’ की कीमतों में काफी भिन्नताएं देखने को मिलती है. मैक्स अस्पताल की वेबसाइट की मानें तो इसकी अधिकतम कीमत 35,000 रुपये के आसपास है. और न्यूनतम कीमत की बात करें तो यह करीब 23,000 के करीब है. अन्य अस्पतालों की बात करें तो वहां भी इसकी लगभग यही कीमत बताई गई है. खुले बाजार में इसकी कीमत 30-75 हजार रुपए है. कीमतों का नियमन होने से पूर्व अब तक हॉस्पिटल स्टेंट पर 196 प्रतिशत और 654 प्रतिशत मार्जिन लेकर मोटी कमाई करते रहे हैं.

लेकिन एंजियोप्लास्टी की बात करें तो यह काफी महंगी होती है. पहले एंजियोप्लास्टी के बाद 3 दिन तक मरीज को भर्ती रखा जाता था और 1.50 लाख से 2 लाख के पैकेज में सीसीयू का बिल शामिल था. अब 3 दिन का बिल प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपये कर दिया है. इसमें दवा खर्च अलग होता है.

पढ़ें- हार्टबर्न से बचने के लिए दवाइयों के बजाय लाइफस्टाइल में करें ये 5 बदलाव, तुरंत मिलेगा फायदा

भारत में इसकी जरूरत
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च के एक अध्ययन में पाया गया है कि 28.5 प्रतिशत वयस्क भारतीय उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं. वर्तमान में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में सभी मौतों में से 28.1 फीसदी मौतें हृदय रोग (सीवीडी) के कारण होती हैं. राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार उच्च रक्तचाप का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में 25.7 फीसदी की तुलना में शहरी क्षेत्रों में 34 फीसदी अधिक पाया गया है. इस आंकड़े को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान में भारत में इसकी कितनी जरूरत है. और आने वाले दिनों में इसकी जरूरत बढ़ सकती है.

Tags: Heart Disease, Medicines



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here