Tuesday, August 9, 2022
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दो स्पेस स्टार्टअप को मंजूरी, अब देश के निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष लॉन्च की होगी शुरुआत


बेंगलुरु.  इंडियन नेशनल स्‍पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (इन-स्पेस) ने निजी कंपनियों को मंजूरी देना शुरू कर दिया है. अब देश में निजी क्षेत्र द्वारा अंतरिक्ष प्रक्षेपण की शुरुआत हो सकेगी. बता दें कि इन-स्पेस एक स्वायत्त ‘सिंगल विंडो’ नोडल एजेंसी है, जिसे भारत में गैर-सरकारी निजी उद्योगों (एनजीपीई) की अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने, उन्हें अधिकृत करने और उन पर नजर रखने के लिए गठित किया गया है.

इन-स्पेस ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि ध्रुव स्पेस प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद) और दिगांतरा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (बेंगलुरु) को 24 जून को इन-स्पेस ने अपने पेलोड प्रक्षेपित करने की मंजूरी दी है.

30 जून को लॉन्च
बयान के मुताबिक, ध्रुव स्पेस के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोड ‘ध्रुव स्पेस सैटेलाइट ऑर्बिटल डिप्लॉयर’ (डीएसओडी1यू) और दिगांतरा के प्रोटॉन डोजीमीटर पेलोड ‘रोबस्ट इंटीग्रेटिंग प्रोटॉन फ्लुएंस मीटर’ (रोबी) को प्रक्षेपण के लिए अधिकृत किया गया है. इन पेलोड को पीएसएलवी-सी53 के पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरीमेंटल मॉड्यूल (पीओईएम) से 30 जून को प्रक्षेपित किया जाना है.

ऐतिहासिक कदम
इन-स्पेस के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने कहा, ‘इन-स्पेस द्वारा पहले दो प्रक्षेपण को मंजूरी देना एक मील का पत्थर है. इससे भारत में निजी क्षेत्र द्वारा अंतरिक्ष प्रक्षेपण की शुरुआत होगी.’ ध्रुव स्पेस एक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप है, जिसका मकसद फुल-स्टैक स्पेस इंजीनियरिंग समाधानों का निर्माण करना है और जो ऐप्लीकेशन-एग्नोस्टिक सैटेलाइट प्लेटफॉर्म के निर्माण में जुटा हुआ है.

सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगा लॉन्च
दूसरी तरफ दिगांतरा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज अपने स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस सेंसर नेटवर्क, प्लेटफॉर्म और डेटा उत्पादों के माध्यम से सुरक्षित एवं टिकाऊ अंतरिक्ष संचालन पर केंद्रित एंड-टू-एंड समाधानों का विकास कर रही है. बता दें कि पीएसएलवी-सी53 इसरो का 55वां मिशन है, जिसे 30 जून को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय समयानुसार शाम छह बजे प्रक्षेपित किया जाना है.

मौसम उपग्रह
दिगंतारा एक मौसम उपग्रह लॉन्च करेगा. जिसका इस्तेमाल उनकी पेटेंट तकनीक का उपयोग करके अंतरिक्ष से मौसम की निगरानी के लिए किया जाएगा. गोयनका ने कहा, ‘यह भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए आने वाले रोमांचक समय की शुरुआत है.

Tags: ISRO, Space Science



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