Saturday, July 2, 2022
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नीट पीजी की खाली सीटों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- छात्रों के भविष्य से न खेलें


नई दिल्ली. देश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कई सीटें खाली रहने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC)को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करें कि नीटी पीजी (National Eligibility cum Entrance Test (Postgraduate) की एक भी सीट खाली न रह पाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एमसीसी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने एमसीसी से यह भी कहा कि वह स्पेशल काउंसलिंग के लिए एक शपथ दायर करें जिससे छात्रों को खाली सीट के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा.

बताएं कि सीटें खाली क्यों रह गईं
एमसीसी के वकील ने जब यह कहा कि नीट पीजी में अब भी 1456 सीटें खाली रह गई है तो जज काफी गुस्सा हो गए. न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ ने एमसीसी के वकील से कहा कहा कि आप आज ही इस विषय पर हलफनामा दायर करें कि आखिर क्यों अब तक सीटें भरी नहीं जा सकी. हालांकि एमसीसी के वकील ने हलफनामा दायर करने के लिए और समय मांगा और कहा कि 2022 में कोरोना के कारण काउंसलिंग में देरी हो गई. इस कारण मामला पीछे चल गया. सुप्रीम कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ और कहा एमसीसी और केंद्र सरकार छात्रों के लिए काउंसलिंग की विशेष व्यवस्था न करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.

यहां डॉक्टरों की कमी है और आप सीटों को खाली छोड़ रहे हैं…
कोर्ट यह जानना चाहता था कि आखिर एमसीसी दाखिला देने के लिए कोई सुव्यवस्थित प्रक्रिया क्यों नहीं हा. कोर्ट ने एमसीसी के वकील से कहा, क्या आप विद्यार्थियों के तनाव के स्तार को जानते हैं. कोर्ट इस बात से भी हैरान था कि एमसीसी को मई में खाली सीटों के बारे में पता लगने के बावजूद उसने इसे भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. कोर्ट ने कहा कि ऐसे समय में जब हमें डॉक्टर और स्पेशलिस्ट की जरूरत है तब आपने सीटों को खाली छोड़ दिया. कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया था कि सुप्रीट कोर्ट एमसीसी को यह निर्देश दे कि अखिल भारतीय स्तर पर नीट पीजी की जो सीटें खाली रह गई हैं, उन्हें विशेष माप अप राउंड के तहत अतिशीघ्र भरी जाए.

छात्रों की लंबी लड़ाई
दरअसल, नीटी-पीजी 2021-22 के लिए याचिकाकर्ताओं ने ऑल इंडिय कोटा काउंसलिंग और स्टेट कोटा काउंसलिंग के तहत राउंड 1 और राउंड 2 में भाग लिया था. इसके बाद मॉप अप राउंड में भाग लेने वाले थे. लेकिन एमसीसी ने 7 मई को काउंसलिंग समाप्त कर दी. याचिकाकर्ता इनमें से किसी राउंड में भाग नहीं ले सके. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वे एमसीसी द्वारा आयोजित काउंसलिंग प्रक्रिया से व्यथित हैं, क्यों कि यह इस तरह से आयोजित की गई थी कि सभी खाली सीटों पर काउंसलिंग करना मुश्किल था. याचिकाकर्ता को आरटीआई के जवाब में 11 मई 2022 को कहा गया कि ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया के समय नीटी पीजी की सभी सीटें भर गई. लेकिन कुछ सीटों पर रिपोर्ट नहीं करने और दाखिले के बाद इसे छोड़ देने के कारण रिक्त रह गई. इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका दायर कर एमसीसी को रिक्त सीटों की सही संख्या बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया.

Tags: Neet exam, Supreme Court



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