Saturday, June 25, 2022
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महानंदा के जलस्‍तर में लगातार वृद्धि से महाप्रलय की आहट, जमीन का कटाव शुरू, सड़कें भी डूबीं

कटिहार. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश करने के साथ ही शुरुआती दौर की बारिश शुरू हो चुकी है. नेपाल की सीमा से लगते बिहार के जिलों में लगातार जोरदार बारिश हो रही है. तराई वाले इलाकों में अनवरत मूसलाधार बारिश होने के कारण नेपाल से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाली नदियां उफनाने लगी हैं. स्‍थानीय के साथ ही कुछ बड़ी नदियों के जलस्‍तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है. खासकर महानंदा नदी का जलस्‍तर काफी बढ़ गया है. इससे महाप्रलय की आहट अभी से दिखाई पड़ने लगी है. महानंदा के उफनाने से कटिहार के कई गांवों में बाढ़ का खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है. जमीन का कटाव शुरू होने के साथ ही कुछ सड़कें भी बाढ़ के पानी में डूब गया था.

कटिहार के आजमनगर और प्राणपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को स्‍पष्‍ट तौर पर महसूस किया जा सकता है. दोनों प्रखंडों के निचले इलाके जलमग्‍न हो चुके हैं. खेतों की ओर जाने वाली सड़क भी डूब गई है. दूसरी तरफ, महानंदा के उफनाने से कई इलाकों में जमीन का कटाव भी शुरू हो गया है. इससे बड़ी आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बाढ़ के खतरे के बीच कटिहार के जिलाधिकारी उदयन मिश्रा ने कहा कि बाढ़ और कटाव को लेकर कई स्तर पर बैठक हो चुकी है. जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य के साथ-सथ अन्‍य चीजों पर नजरें बनाए हुए है. उन्‍होंने बताया कि अभी तक पूरे जिले से परेशान करने वाली कोई सूचना नहीं मिली है.

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महानंदा, गंगा और कोसी नदियों से घिरा है कटिहार
बाढ़ के लिहाज से रेडियम कहे जाने वाले कटिहार में अभी से ही बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. दरअसल, कटिहार का इलाका महानंदा, कोसी और गंगा नदी से घिरा हुआ है, ऐसे में जिला वासियों के लिए बाढ़ नियति बन गई है. एक बार फिर महानंदा नदी महाप्रलय का आभास कराने लगी है. कटिहार के दो प्रखंड आजमनगर और प्राणपुर के निचले इलाकों में खेतों तक जाने वाली सड़क डूब गई है. हर दिन तेजी से बढ़ता जलस्तर निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों की तरफ रुख करने के लिए मजबूर कर रहा है.

कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
आजमनगर प्रखंड के बैरिया, इमाम नगर शिव मंदिर टोला, कंहारिया, रतनपुर बिलदारी और प्राणपुर प्रखंड के ग्रामदेवती, गजहर गांव के निचले इलाके में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. दूसरी तरफ कोसी और गंगा नदी अब तक स्थिर है. गंगा नदी के पास स्थित अमदाबाद प्रखंड के कई इलाकों में कटाव तेज हो गया है, जिससे लोग विस्थापित होने लगे हैं. अमदाबाद प्रखंड के लखनपुर पंचायत की मुखिया स्वेता मुखर्जी ने कहा कि कटाव तेज है. वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि वह बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

Tags: Bihar floods, Katihar news

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