Tuesday, June 28, 2022
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महाराष्ट्रः एकनाथ शिंदे ने बिगाड़ा MVA का संतुलन, उद्धव ठाकरे को तूफान से निकलने का भरोसा


मुंबईः नाव चलाने वाला हमेशा दोनों तरफ बराबर वजन रखकर नाव खेता है ताकि संतुलन बना रहे, इसीलिए वह वजन के हिसाब से लोगों को बैठाता है. उसका पूरा ध्यान इस बात पर रहता है कि एक तरफ ज्यादा वजन ना हो जाए क्योंकि ऐसा होने पर नाव डगमगाने लगती है. इसी तरह अगर नाव में दोनों तरफ एक वजन के लोग बैठे हैं और उसमें से एक वजनदार इंसान उठ जाए तो नाव को पलटने से बचाना मुश्किल हो जाता है. राजनीति में भी यही नाव वाला संतुलन चलता है, खासकर गठबंधन की सरकार में तो संतुलन का ही खेल है.

महाराष्ट्र में सत्ताधारी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी गठबंधन की नाव भी इन दिनों डगमगाई हुई है क्योंकि उसमें संतुलन बनाने वाले एक नेता ने अचानक नाव से बाहर निकलने का मन बना लिया है. वह नेता हैं शिवसेना के कद्दावर एकनाथ शिंदे. जिन्होंने गठबंधन सरकार को अस्थिर कर दिया है. लेकिन कहते हैं ना कि ऐसे वक्त में नाव के कप्तान की भूमिका अहम होती है. तो महाराष्ट्र सरकार के सूत्र दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस बात पर भरोसा है कि तूफान से अपनी नाव निकाल लेंगे.

आंकड़ों के खेल को लेकर निश्चिंत हैं ठाकरे!
एमवीए नेताओं के बीच हुई बैठक के बारे में सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 को विस्तार से बताया है कि ठाकरे आंकड़ों के खेल को लेकर निश्चिंत हैं. उन्हें भरोसा है कि इस तूफान से अपनी किश्ती निकालने के लिए उनके पास पर्याप्त विधायकों का वजन मौजूद है. हालांकि मुख्यमंत्री जानते हैं कि शिंदे की घर वापसी मुश्किल है. लेकिन उन्हें इस बात का पूरा विश्वास है कि कई विधायक वापस लौट आएंगे. सूत्रों का यह भी कहना है कि ठाकरे का सहयोगी दलों को साफ संदेश है कि आप अपने विधायकों को संभालिए, मैं अपनी पार्टी संभाल लूंगा.

शिवसेना के 25 विधायकों की वापसी का दावा
दावा किया जा रहा है कि अब तक शिवसेना के 25 विधायक उद्धव कैंप में शामिल हो चुके हैं. कुछ और के बुधवार को शामिल होने की संभावना है. दो विधायकों की तबीयत नासाज है, लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ अपना समर्थन जाहिर किया है. इस तरह कुल मिलाकर 27 विधायक हो गए हैं. इनमें से 18 को लोअर परेल के सेंट रेगिस में रखा गया है जबकि बाकी मुंबई की अलग-अलग जगह पर मौजूद हैं. हालांकि दूसरी तरफ शिंदे का दावा है कि उनके पास पार्टी से असंतुष्ट लोगों की संख्या बढ़ रही है.

अपने विभाग में दखलअंदाजी से खफा थे शिंदे
वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने बगावत का झंडा क्यों बुलंद किया, इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि वह पार्टी में अपने साथ हो रहे व्यवहार को लेकर उद्धव ठाकरे और संजय राउत से खफा और आहत हैं. साथ ही, आदित्य ठाकरे को ज्यादा महत्व दिए जाने से भी नाराज थे. उद्धव सरकार में शिंदे के पास शहरी विकास और पीडब्ल्यूडी विभाग हैं.

हालांकि सूत्रों का दावा है कि शिंदे को विभाग चलाने की आजादी नहीं थी. शहरी विकास और पीडब्ल्यूडी दोनों ही विभागों पर मुख्यमंत्री कार्यालय की लगातार नजर रहती थी. यहां तक कि मंत्रालय से जुड़े अहम फैसलों के लिए भी मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी पड़ती थी. ये भी आरोप है कि आदित्य ठाकरे शिंदे के विभाग में दखलअंदाजी करने लगे थे. इसके अलावा, शिवसेना के कद्दावर नेता शिंदे पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्रिमंडल में भी रहे थे, ऐसे में उनके पूर्व मुख्यमंत्री से अच्छे संबंध रहे हैं.

Tags: CM Uddhav Thackeray, Maharashtra, Shivsena



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