Dungarpur: स्कूल के स्टोर रूम में चलता है सरकारी कॉलेज, क्लास में बैठने के लिए नहीं है कुर्सी

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डूंगरपुर. राजस्थान के डूंगरपुर का देवल सरकारी कॉलेज मुख्यमंत्री बजट घोषणा के बाद भी सरकारी स्कूल के एक कमरे में चल रहा है. कॉलेज में पढ़ने वाले 127 विद्यार्थियों के बैठने के लिए यहां जरूरी फर्नीचर तक नहीं है. आलम यह है कि छात्र स्कूली बच्चों से कुर्सी से लेकर चॉक तक मांग कर काम चला रहे हैं. मुख्यमंत्री बजट घोषणा में कॉलेज की घोषणा कर दी गई थी. लेकिन, उच्च शिक्षा विभाग कॉलेज खोलने के बाद इस कॉलेज को भूल गया है. देवल उच्च माध्यमिक स्कूल के एक कमरे में यह सरकारी कॉलेज संचालित किया जा रहा है.

दरअसल, जिले के देवलपाल व रामसागड़ा में सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी. कॉलेज आयुक्त निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत लंबे इंतजार के बाद आनन-फानन में देवल कॉलेज को सीनियर स्कूल में खोल दिया गया. स्कूल में कक्षा की कमी होने के कारण सिर्फ एक कक्ष कॉलेज के लिए आवंटित किया गया है. इसके कारण कॉलेज के विद्यार्थियों को बैठने, ठहरने, पेयजल और चॉक-डस्टर तक खुद लेकर आना पड़ता है. इस सरकारी कॉलेज में 127 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं.

प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी के दबाव में कॉलेज के लिए सीनियर स्कूल में दो कमरे का आवंटित किए गए थे. स्कूल में पहले से ही कमरों की कमी चल रही थी. ऐसे में स्कूल की ओर से स्टोर रूम का खस्ताहाल एक कमरा कॉलेज के लिए खोल दिया गया है. इस कमरे में कई वर्षों से साफ-सफाई नहीं हुई थी. कॉलेज के स्टूडेंट्स ने अपने घर से झाडू लाकर कमरे की साफ-सफाई की. इसके बाद खुद हैंडपंप से पानी लाकर फर्श को धोया और स्वच्छ बनाया. अब इसी एक कमरे में फिलहाल पूरे कॉलेज का संचालन किया जा रहा है.

कॉलेज के स्टूडेंट सुनील मनात, कैलाश और गीता मनात ने बताया कि कमरे की सफाई के बाद फर्नीचर की जरूरत थी. इसके लिए सीनियर स्कूल के बच्चों से फर्नीचर (मेज-कुर्सियां) रोज मांग कर लाना पड़ता है. रोज स्कूली बच्चों के कक्षा से लोहे की टेबल और स्टूल लेकर आने पड़ते हैं. इसके अलावा, उन्हें चॉक-डस्टर, ग्रीन बोर्ड भी स्कूल से लाना पड़ता है.

FIRST PUBLISHED :

November 25, 2022, 18:30 IST

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