Narayan Rane Case: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बंगले पर चलेगा ‘बुलडोजर’, SC ने 3 माह में अवैध न‍िर्माण ग‍िराने के द‍िए आदेश

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हाइलाइट्स

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी को द‍िए थे नारायण राणे के बंगले में अवैध हिस्से को ग‍िराने के आदेश
हाई कोर्ट ने राणे पर लगाया था 10 लाख का जुर्माना, दो सप्ताह के भीतर जमा करने के दिए थे न‍िर्देश
बंगले के कुछ हिस्से के निर्माण में कोस्टल रेग्युलेशन जोन व फ्लोर स्पेस इंडेक्स का उल्लंघन किया गया है

नई द‍िल्‍ली. केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के जुहू स्थित बंगले में अवैध निर्माण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) से बड़ा झटका लगने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं म‍िली है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है और तीन माह के भीतर अवैध निर्माण गिराने का आदेश (Order to demolish illegal construction) द‍िया है. कोर्ट ने अवैध न‍िर्माण को वैध करने के आवेदन पर सख्‍त ट‍िप्‍पणी करते हुए यह भी कहा है क‍ि यदि इसे मंजूरी दी जाती है तो फिर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण शुरू हो जाएंगे.

बताते चलें क‍ि बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को बीएमसी को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के बंगले में अवैध हिस्से को दो हफ्ते के भीतर ढहाने का आदेश दिया था. इसके अलावा उच्च अदालत ने नारायण राणे पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था.

नारायण राणे को बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा झटका, 2 हफ्ते में अवैध निर्माण गिराने का आदेश, लगाया 10 लाख जुर्माना

यह राशि दो सप्ताह के भीतर महाराष्ट्र राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को जमा करने का निर्देश दिया गया था. लेक‍िन नारायण राणे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. वहीं उनको सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं म‍िली है. सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए अगले 3 महीने के भीतर अवैध निर्माण को गिराने का आदेश द‍िया है.

हाईकोर्ट ने बीएमसी को अवैध निर्माण गिराने का आदेश देते हुए यह माना था कि बंगले के कुछ हिस्से के निर्माण में कोस्टल रेग्युलेशन जोन और फ्लोर स्पेस इंडेक्स का उल्लंघन किया गया है.

हाईकोर्ट ने कहा था कि बीएमसी राणे परिवार की कंपनी के आवेदन को स्वीकार नहीं कर सकती, जिसमें यह मांग की गई थी, कि वह अनधिकृत निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दें. अदालत ने कहा था कि यदि इसे मंजूरी दी जाती है तो फिर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण शुरू हो जाएंगे.

बॉम्बे हाइकोर्ट ने राणे पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था, और अगले एक सप्ताह के अंदर इसे जमा कराने का आदेश दिया था.

बीएमसी ने इसी साल जून में नारायण राणे की ओर से अवैध निर्माण को मंजूरी प्रदान करने के लिए बीएमसी के समक्ष पहली अर्जी दी गई थी. जिसे उसने खारिज कर दिया था. इसके बाद उनकी कंपनी ने जुलाई में दूसरा आवेदन दिया था, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया. इस पर नारायण राणे की कंपनी ने हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां भी उसे झटका ही हाथ लगा.

Tags: BMC, Maharashtra News, Narayan Rane, Supreme Court



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