– मात्र दो घंटे में आए 138 आफ्टरशॉक्स, कई इमारतें जमींदोज, स्कूल-एयरपोर्ट बंद
मनीला (फिलीपींस), 8 जून: दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप क्षेत्र में सोमवार सुबह रिक्टर स्केल पर 7.8 तीव्रता के एक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। भूकंप इतना भीषण था कि कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में 4.5 फीट (लगभग 1.5 मीटर) से अधिक ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गईं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौसम विज्ञान और भूकंप विज्ञान संस्थान (PHIVOLCS) के अनुसार, मुख्य भूकंपीय झटके के बाद केवल दो घंटे के भीतर 138 से अधिक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्के झटके) दर्ज किए गए। लगातार हिलती धरती के कारण डरे-सहमे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर ही शरण लेने को मजबूर हो गए। भूकंप का केंद्र जनरल सैंटोस शहर के पास समुद्र के किनारे जमीन से लगभग 33 किलोमीटर की गहराई में था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सुबह भूकंप आया, तब स्कूलों में प्रार्थना सभा (असेंबली) चल रही थी और लोग अपने दफ्तरों के लिए निकल रहे थे। भूकंप के झटके महसूस होते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। जनरल सैंटोस शहर में कई छोटे और मध्यम आकार के व्यावसायिक परिसर आंशिक रूप से ढह गए हैं। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्य संपर्क पुलों और सड़कों पर गहरी दरारें आने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस सरकार ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने प्रभावित इलाकों के लोगों को तुरंत ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। इसके साथ ही, जनरल सैंटोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (General Santos International Airport) के रनवे और टर्मिनल को पहुंचे नुकसान के कारण हवाई अड्डे को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है और 17 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
पड़ोसी देशों इंडोनेशिया और मलेशिया में भी सुनामी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है ताकि संरचनाओं की सुरक्षा जांच की जा सके।
आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि मलबे की पूरी तरह सफाई होने के बाद ही हताहतों की सही संख्या स्पष्ट हो पाएगी। राष्ट्रपति ने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहा है कि सरकार इस संकट की घड़ी में प्रभावित क्षेत्रों की सहायता के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है।
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