Home Uncategorized रयपुरा की बेटी शुभी मरावी ने बढ़ाया डिंडोरी जिले का मान

रयपुरा की बेटी शुभी मरावी ने बढ़ाया डिंडोरी जिले का मान

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एमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
डिंडौरी : 08 मई,2026
जिले की शहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम रयपुरा की प्रतिभाशाली बेटी शुभी मरावी ने अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, ग्राम रयपुरा एवं पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि को ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणादायक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और महिला चिकित्सकों के अभाव को शुभी ने बचपन से महसूस किया। इन्हीं परिस्थितियों ने उनके भीतर समाजसेवा की भावना को मजबूत किया और उन्होंने चिकित्सक बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। यही लक्ष्य और समर्पण उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा।

अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर शुभी ने वर्ष 2021 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश प्राप्त किया तथा विदिशा स्थित मेडिकल कॉलेज में अध्ययन प्रारंभ किया। कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों के बाद वर्ष 2026 में उन्होंने एमबीबीएस परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अपना सपना साकार किया।

शुभी की सफलता यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, आत्मविश्वास और सतत मेहनत से किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

शुभी की माता श्रीमती रश्मि संध्या मरावी गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। शुभी की शिक्षा एवं सफलता में उनकी माता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और परिवार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। परिवार के समर्थन और शुभी की लगन ने इस प्रेरणादायक सफलता की कहानी को साकार किया है।

rएमबीबीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण बेटियों के लिए बनी प्रेरणाडिंडौरी : 08 मई,2026 जिले की शहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम रयपुरा की प्रतिभाशाली बेटी शुभी मरावी ने अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, ग्राम रयपुरा एवं पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि को ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणादायक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और महिला चिकित्सकों के अभाव को शुभी ने बचपन से महसूस किया। इन्हीं परिस्थितियों ने उनके भीतर समाजसेवा की भावना को मजबूत किया और उन्होंने चिकित्सक बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। यही लक्ष्य और समर्पण उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा।अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर शुभी ने वर्ष 2021 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश प्राप्त किया तथा विदिशा स्थित मेडिकल कॉलेज में अध्ययन प्रारंभ किया। कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों के बाद वर्ष 2026 में उन्होंने एमबीबीएस परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अपना सपना साकार किया।शुभी की सफलता यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, आत्मविश्वास और सतत मेहनत से किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।शुभी की माता श्रीमती रश्मि संध्या मरावी गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। शुभी की शिक्षा एवं सफलता में उनकी माता का मार्गदर्शन, प्रेरणा और परिवार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। परिवार के समर्थन और शुभी की लगन ने इस प्रेरणादायक सफलता की कहानी को साकार किया ह

रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी

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