PM Security Breach पर CJI ने पूछा-पंजाब सरकार अलग से जांच करे तो इसमें दिक्कत क्या

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पंजाब के फिरोजपुर में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. दलील देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, मैं आभारी हूं कि कोर्ट ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया. यह दुर्लभ मामला है. जब पीएम को सड़क मार्ग से जाना होता है तो स्प्फ दगप से पूछती है. उनकी हरी झंडी के बाद ही यात्रा शुरू हो सकती है. जब सड़क पर ब्लॉक था तो मंजूरी क्यों दी गई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह मामला सिर्फ किसी पर नहीं छोड़ा जा सकता और यह सीमा पार आतंकवाद का मामला है इसलिए एनआईए अधिकारी जांच में सहायता कर सकते हैं. इस मामले में अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी.

सॉलिसिटर जनरल ने कहा, पीएम की सुरक्षा में एक कार 500 मीटर आगे चलती है. जो पुलिसवाले प्रदर्शनकारियों के साथ चाय पी रहे थे, उन्होंने उस कार को भी सूचना नहीं दी कि पीएम को आगे आने से रोक दीजिए. वहां धार्मिक जगह से फ़्लाईओवर के दूसरी तरफ भी भीड़ जमा करने की घोषणा हो रही थी. यूएस से चलने वाला एक आतंकी संगठन वीडियो जारी कर रहा है. वहां कुछ ऐसा हो सकता था जो भारत की अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी की वजह बनता. हम पंजाब की तरफ से बनाई गई कमिटी के पक्ष में नहीं हैं. उसमें गृह सचिव हैं जो खुद भी संदिग्ध हो सकते हैं. कोर्ट रिकॉर्ड अपने पास ले.

मनिंदर सिंह ने कहा, राज्य को विशेष रूप से जांच करने का अधिकार नहीं है (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का उल्लंघन) और यह कानून और व्यवस्था का मुद्दा नहीं है. राज्य सरकार ने जो जांच कमेटी बनाई है उसके अध्यक्ष एक बड़े घोटाले का हिस्सा थे. सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन में हुए भ्रष्टाचार में उस जज के आदेश को संदिग्ध मानते हुए पलट दिया था. सारे रिकॉर्ड कोर्ट के संरक्षण में लिए जाएं. बठिंडा के जिला जज या कोई और जज NIA के सहयोग से ऐसा करें.

मेरी मांग है:

सबूतों का संरक्षण हो
सही जांच हो
सुप्रीम कोर्ट निगरानी करे
ज़िला जज NIA का सहयोग लें
जवाबदेही तय हो
भविष्य के लिए निर्देश तय किए जाएं

पंजाब के एडवोकेट जनरल क्या बोले

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के एडवोकेट जनरल डी एस पटवालिया ने कहा कि हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं. हमने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की कमिटी बनाई है, गुरुवार को फिरोजपुर में FIR भी दर्ज की गई है. केंद्र ने भी एक कमिटी बनाई है. राज्य के अधिकारियों को तलब किया गया है. अगर राज्य की कमिटी पर एतराज है तो सुप्रीम कोर्ट जैसी चाहे कमिटी बना सकता है. हमें आपत्ति नहीं है.

पटवालिया ने कहा, अगर हमारी कमिटी पर एतराज है तो केंद्र की कमिटी में भी एसपीजी के एस सुरेश हैं. उन्हें भी जांच कैसे करने दी जा सकती है.

मनविंदर सिंह ने कहा, पंजाब ज़िला जज और NIA के रिकॉर्ड को संरक्षण में लेने पर एतराज नहीं होना चाहिए. अगर राज्य ने कमिटी 5 जनवरी को बनाई तो ट्वीट 6 जनवरी को क्यों किया. हमारे हिसाब से यह कमिटी सही नहीं है. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा,अगर SPG के IG के हमारी कमिटी में होने से दिक्कत है तो हम उनकी जगह गृह सचिव को रख देंगे. चीफ जस्टिस एनवी रमणा ने पूछा, एक ही मामले की 2 तरह की जांच क्या सही होगी. जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने कहा, यह सुरक्षा में कमी पर हमारी आंतरिक जांच है. सीजेआई ने पूछा, क्या आप निष्पक्ष जांच की मांग से सहमत हैं. मेहता ने कहा, पहले रिकॉर्ड सुरक्षित किए जाएं. इस पहलू पर कोर्ट सोमवार को विचार कर ले.

इसके बाद सीजेआई ने कहा, हमने सभी वकीलों को सुना. मामला पीएम की सुरक्षा से जुड़ा है. हम पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को

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