शराब माफियाओं पर आचार संहिता में भी आबकारी महरबान

0
92

अजय डामोर (08602875502)

मेघनगर (झाबुआ) – मेघनगर सहित ग्रामीण अंचलों में अवैध धंधे फल फूल रहे है। पुलिस और आबकारी अधिकारियों की मौन स्वीकृति के चलते विदेशी शराब की अवैध बिक्री बेरोक टोक जारी है। खास बात तो ये है कि मुख्य क्षेत्रों सहित विदेशी शराब पीने वालों के लिए वीआईपी व्यवस्था है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का आलम ये है कि शहर में शराब की पेटियों का खुलेआम परिवहन कर रहे है। नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार चांदी काट रहे है । वहीं युवा शराब की लत में उलझते जा रहे है।
मेघनगर के नगरीय क्षेत्रों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो में शराब परोसी जा रही है। प्रतिदिन लाखों का व्यापार करने वाले ठेकेदार इस बात को भी तवज्जों नहीं देते। उनकी मनमानी से समाज के युवा शराब जैसी बुरी लत के शिकार होकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे है। पीने वालों के लिए है वीआईपी व्यवस्था मेघनगर क्षेत्र के नगरीय इलाकों और मेन रोड स्थित कई अड्डो पर पीने वालों के लिए विशेष व्यवस्था है। यहां पर ग्रामीण युवाओं को विदेशी शराब सहित मनपसंद ब्रांड की शराब आसानी से मिल रही है। ठेकेदार अवैध तरीके से युवाओं को शराब परोस कर मोटी कमाई कर रहे हैं। ये पूरा धंधा अवैध रूप से कई वर्षों से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किए है। पुलिस और आबकारी अधिकारियों की मौन स्वीकृति के चलते क्षेत्र में शराब का अवैध व्यापार फल फूल रहा है। कई बार अधिकारी दिखावे के लिए कुछ कार्रवाई कर देते है, लेकिन अवैध धंधों में लिप्त लोगों के खिलाफ अधिकारी सख्त कार्रवाई करने से हमेशा बचते रहे है। स्थानीय पुलिस अधिकारी नगर का बाजार तो रात 10 बजे के बाद बंद कराने निकल जाते है, ग्रमीण क्षेत्रो में चल रही शादियों से घर लौट ने वालो का फोटो शूट करते है , उन्हें बे वजह परेशान किया जाता है लेकिन नगर सहित हाईवे एवम ग्रामीण क्षेत्रो में देर रात तक शराब परोसने का धंधा चलता रहता है। जिस पर अधिकारी नरमी बरत रहे है। इससे पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। नगर में विदेशी शराब इतनी आसानी से उपलब्ध हो रही है कि युवा वर्ग के साथ ही अन्य लोग भी शराब के आदी होने लगे है। इससे समाज में कई परिवार बर्बाद हो रहे है।


किराना दुकानों की आड़ में भी मिल रही देशी-विदेशी शराब
मेघनगर विकासखंड सहित विकास खंडों में ग्रामीण क्षेत्रों में करीब करीब अधिकतर दुकानो पर विदेशी शराब मिल रही है। विदेशी शराब रखने के लिए किराना दुकानों पर बकायदा हजारों रुपए के फ्रीजर खरीदे गए है। इनमें हर तरह के ब्रांड की विदेशी शराब आसानी से मिल जाएगी। नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मेघनगर आने वाले लोग वापस जाते समय इन दुकानों पर रुक कर शराब का सेवन करते है और फिर बाइक सहित अन्य वाहन चलाकर अपने घरों को पहुंचते है। मेन रोड़ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं में अधिकतर वाहन चालक नशा में पाए जाते है। शाम के समय होने वाले अधिकतर हादसों में ऐसा देखने में आया है कि वाहन चालक नशे में रहते है। नशे में होने से कई वाहन चालकों की दुर्घटना में मौत तक हो चुकी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन को इससे कोई लेना देना नहीं है। स्थानीय आबकारी विभाग के अधिकारी कार्यवाही के नाम पर आदिवासी बहुल क्षेत्र में महुवे की शराब सहित अन्य कार्रवाई के दौरान बकायदा प्रेस रिलीज करते हैं, लेकिन विदेशी शराब पर की जाने वाली कार्रवाई को वह कभी सार्वजनिक नहीं करते है। इससे अधिकारियों की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। पिछले 2 वर्षों में आबकारी विभाग द्वारा विदेशी शराब की अवैध बिक्री पर कितनी बार कार्रवाई की है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।


महिलाओं को होती है परेशानियां


मेघनगर क्षेत्र सहित कई लोगों द्वारा घरों और दुकानों में अवैध शराब परोसी जा रही है। शराब के आदि हो चुके लोग सुबह से शाम तक इन क्षेत्रों का चक्कर लगाते रहते है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं सहित आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन शराबियों के डर से कोई कुछ नहीं कहता है। इसलिए इन क्षेत्रों में अवैध धंधे चरम पर पहुंच गए है अधिकारियों की लापरवाही से अवैध धंधों पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। वर्तमान में भी हालत जस की तस बनी हुई है। अभी भी कई क्षेत्रों में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी संस्था या अधिकारी चिंतित नहीं है। देशी और विदेशी शराब के आदि हो चुके कई युवा अपराधों में भी लिप्त हो रहे है। इससे नगर की सामाजिक व्यवस्था बिगड़ रही है।


चारपहिया वाहनों से होता है अवैध परिवहन


पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही के चलते विदेशी और देशी शराब का अवैध परिवहन जोरों पर किया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा जिम्मेदारों के साथ मिलीभगत करके मेघनगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विदेशी शराब की सप्लाई की जाती है। शराब का परिवहन करने के दौरान अनेक चारपहिया वाहन नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई चक्कर लगाते है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग के लापरवाह अधिकारियों को ये वाहन दिखाई नहीं देते। ऐसा नहीं है कि शराब का अवैध परिवहन किसी से छुपा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते अवैध व्यापारियों को मौन स्वीकृति मिल चुकी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here