किसान संघर्ष समिति

0
39
किसान संघर्ष समिति
प्रेसनोट (प्रकाशनार्थ) :
किसान संघर्ष समिति ने मनाया आज 25 वां स्थापना दिवस
12जनवरी को 24वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन आयोजन होगा
किसानों की हालत सुधारने के लिए मजबूत किसान संगठन की जरूरत होगी
किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आज किसान संघर्ष समिति कार्यालय में 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रदेश पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक भी सम्पन्न हुई। स्थापना दिवस के अवसर पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने कहा कि हम जो प्रयास करते हैं वह बेकार नहीं जाता है। किसान संघर्ष समिति का गठन 25 साल पहले आज ही के दिन मुलताई में हुआ था, जिसमें 24 साथियों की शहादत हुई। लगातार आंदोलन चलते रहे। आज उसका विस्तारित रूप संयुक्त किसान मोर्चा तथा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के रूप में हमारे सामने हैं। हमें अन्याय, अत्याचार भेदभाव के खिलाफ तब तक संघर्ष करते रहना है जब तक किसानों के साथ भेदभाव न मिटे, एमएसपी की कानूनी गारंटी ना मिले, कर्ज से मुक्ति ना मिले।उन्होंने कहा कि किसानों की हालत सुधारने के लिए मजबूत किसान संगठन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष समिति के साथियों ने बहुत बड़ी कुर्बानी दी है। 17 से 20 साल तक ढाई सौ साथियों ने मुकदमे लड़े हैं तथा सजा भुगतने का काम किया है। इस देश में किसान किसान और गांव खत्म करने की साजिश चल रही है हमें किसान, किसानी और गॉव बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। किसंस के जिलाध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि किसान संघर्ष समिति का गठन 23 वर्ष पहले मुलताई के पांच हजार किसानों के द्वारा 25 दिसम्बर 1997 को मुलताई तहसील परिसर में किया गया था। कि.सं.स.के द्वारा अतिवृष्टि, ओलावृष्टि के खिलाफ, किसानों को फसल बीमा, राजस्व मुआवजा पांच हजार रुपये प्रति एकड़, बिजली बिल माफी, अनावारी की इकाई किसानों का खेत बनाए जाने को लेकर आंदोलन किया जा रहा था जिसे दिग्विजय सिंह की सरकार ने दमन करने का पूरजोर प्रयास किया था। जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन ने कहा कि 9 जनवरी 1998 को 75 हजार से अधिक किसान अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय बैतूल पहुंचे थे। तहसील परिसर के सामने चल रहे किसान आंदोलन पर 12 जनवरी 1998 को पुलिस गोली चालन किया गया। जिसमें 24 किसान शहीद हुए तथा 350 किसानों को गोली लगी। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किसानों पर 67 मुकदमे दर्ज किए गए। 17 वर्ष बाद तीन प्रकरणों में डॉ.सुनीलम सहित तीन साथियों को आजीवन कारावास हुआ बाकि सभी 64 प्रकरणों में सभी किसान बरी हुए। परमंडल से किसान संघर्ष समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी शेषराव सूर्यवंशी ने कहा कि उन्हें सजा इसलिए करवाई गई क्योंकि उन्होंने गोली चालन का आल्हा गाया था। उन्होंने कहा कि सरकार के दमन के बावजूद मुलताई के किसानों ने डॉ सुनीलम को 50 और 60 % वोट देकर 1998 और 2003 में दो बार विधायक बनाया । आष्टा के वरिष्ठ किसान नेता गुलाब देशमुख ने कहा कि कि 12जनवरी 1998 के गोलीचालन में शहीद किसानों की स्मृति में हर वर्ष 12 जनवरी को शहीद किसान स्मृति सम्मेलन आयोजित किया जाता है। हर माह की 12 तारीख को किसान पंचायत आयोजित की जाती है। अब तक 288 किसान पंचायत हुई है। इस वर्ष भी 12 जनवरी 2022 को 289 वीं किसान पंचायत एवं 24वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन मुलताई में आयोजित किया गया है। किसंस के महामंत्री भागवत परिहार ने कहा कि शहीद किसान स्मृति सम्मेलन में शहीद किसानों के परिजनों को सम्मानित किया जाता है तथा विद्या मेमोरियल ट्रष्ट द्वारा शहीद किसानों के गाँव की 24 मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत किया जाता है। अब तक 600 छात्राओं को पुरस्कृत किया गया है। शहीद किसानों की स्मृति में रक्तदान शिविर भी लगाया जाता रहा है। उन्होंने सभी से सम्मेलन में आने की अपील की । तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि कि.सं.स. ने मध्यप्रदेश में बिजली बिल माफी, कर्जामाफी, इल्ली प्रकोप को राजस्व आचार संहिता मे शामिल कराने,अनावारी तय करने की इकाई तहसील की जगह पंचायत बनाने में सफलता हासिल की। किसान संघर्ष समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी भूपेंद्र मकोड़े ने कहा कि महंगाई की तुलना में किसानों को फसल के दाम बहुत कम मिल रहे है।जो पाइप 270 रू में मिलता था वह 790 रूपये में मिल रहा है। लेकिन मोदी सरकार किसान सम्मान निधि के नाम पर 6हजार रूपये देकर बढ़ती कृषि की लागत पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। किसान संघर्ष समिति के स्थापना दिवस के अवसर पर रग्घु कोड़ले, चैन सिंह सिसोदिया, कैलाश डोंगरदिये, धर्मराज नरवरे, मिट्ठू राव देशमुख, किशन डोंगरे, विनोदी महाजन,सीताराम नरवरे आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
भागवत परिहार
कार्यालय प्रभारी, किसान संघर्ष समिति, मुलतापी 9752922320

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here