झाबुआ जिले के हिंदू वीर स्वर्गीय रुस्तमजी चरपोटा की प्रतिमा स्थापना 15 मई को

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(अजय डामोर)
मेघनगर – झाबुआ जिले मैं शायद ही कोई ऐसा होगा जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिंदू वीर स्वर्गीय रुस्तम जी चरपोटा को नहीं जानता होगा रुस्तम जी झाबुआ जिले के थांदला तहसील के ग्राम झापादरा के निवासी थे कोरोना की इस प्रलयकारी भयंकर त्रासदी ने आपको भी हमसे छीन लिया। थांदला तहसील के गांव झापादरा में आपके परिश्रम से बड़ी संख्या में गणवेशधारी स्वयंसेवक तैयार हुवे धर्मजागरण की अलख जगाकर आपने हिन्दू बन्धुओ को जाग्रत किया। पेटलावद के एक शीत शिविर में पहली बार मुख्यशिक्षक तय किया था। आज्ञाएँ देना बराबर याद नही था फिर भी आत्मविश्वास से लैस आपने शिविर को भली भांति संचालित किया। 2005 में रायपुरिया में प्राथमिक वर्ग करने के पश्चात लगातार प्रथम द्वितीय ओर तृतीय वर्ष की शिक्षा पूर्ण करने वाले आप जिले के एकमात्र स्वयंसेवक थे। झाबुआ के इतिहास में हिन्दू संगम के बाद विहंगम जिला पथसंचलन में आपकी भूमिका अहम थी। उस समय थांदला तहसील की 3500 संख्या पूरे जिले में सर्वाधिक थी। कार्यकर्ताओ की टोलियां बनाकर जी जान से प्रवास कर परिश्रम किया था आप थांदला के तहसील कार्यवाह से जिला कार्यवाह तक सफल दायित्व निर्वहन करने वाले निष्ठावान स्वयंसेवक थे। जिला कार्यवाह रहते आपने जिला प्रचारक जैसी भूमिका निभाई, हर बैठक हर प्रवास को बड़ी ही निष्ठा और लगन से आप पूर्ण करते है। हर कार्यकर्ता का स्वयंसेवक का उसके परिवार का कुशलक्षेम जानना उसके सुख दुख में हर समय खड़ा रहना ये आपके व्यक्तित्व की खासियत थी। जो कार्यकर्ताओ के अनुभव से पता चला। संघ कार्य के साथ परिवार का भी उतना ही ख्याल रखते थे आप। परिवार में छोटे होने के बाद भी पूरा परिवार किसी भी समस्या में आपकी ओर निर्भर था। ऐसे निष्ठावान, प्रतिभाशाली, होनहार प्रिय स्वयंसेवक का यू चला जाना आपके क्षेत्र की बड़ी क्षति है जिसकी पूर्ति कर पाना संभव नही है। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस आघात को सहने की शक्ति प्रदान करे। आप जैसे महान हिंदू वीर की मूर्ति की स्थापना आपके ग्रह ग्राम झापादरा में की जा रही है दिनांक 14 मई को रात्रि में भजन संध्या एवं 15 मई को सुबह 6:00 बजे मूर्ति स्थापना एवं प्रसादी का आयोजन किया जाएगा

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