भीम सेना ने दिया ज्ञापन

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बेतूल से अल्ताफ अहमद की खबर

सिहारी बीट में चल रही जेसीबी, वनाधिकारी बने अनजान
नियम विरुद्ध कैसे जंगल में घुसी जेसीबी, जांच का विषय
भीम सेना संगठन ने प्रशासनिक अधिकारियों से की शिकायत, कार्रवाई की मांग
10 दिनों में वैधानिक कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
फोटो
बैतूल। शासन द्वारा मजदूर योजना के तहत  रोजगार दिलाने का दावा जिले में किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकारियों द्वारा मजदूरों की जगह मशीनों से काम लिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला उत्तर वन मण्डल के बैतूल रेंज में आने वाली सिहारी बीट में देखने में आया है। जहां मजदूर घर पर बैठे हैं और विभाग द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मशीनों से काम करवाया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद मैदानी स्तर के अधिकारियों की बोलती बंद हो गई है। इस मामले की शिकायत सोमवार को भीमसेना संगठन ने कलेक्टर, सीसीएफ बैतूल, डीएफओ उत्तर वन मंडल सहित वन मंत्री से की है। भीम सेना संगठन के प्रदेश प्रभारी एवं शिकायतकर्ता पंकज अतुलकर शिकायत के साथ जो साक्ष्य प्रस्तुत किए है उसमें मौके पर चलती जेसीबी आसानी से देखी जा सकती है। मौके पर वन अधिकारी जेसीबी से काम करवा रहे हैं।
पंकज अतुलकर ने शिकायत में बताया कि उत्तर वन मण्डल के बैतूल रेंज में आने वाली सिहारी बीट में लगातार शासन द्वारा मजदूर योजना एवं नीतियों का उलंघन करते हुए मशीनों से कार्य किया जा रहा है। अतुलकर का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत मजदूरों को काम नहीं मिलने से दयनीय स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के लिये सरकार मुफ्त अनाज योजना के साथ-साथ रोजगार गारंटी योजना चला रही है। लेकिन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
–रिसर्च फारेस्ट में हो रहा था जे.सी.बी. मशीन से कार्य–
बैतूल रेंज के बीट प्रभारी पीएन बर्डे द्वारा रिसर्च फारेस्ट में जे.सी.बी. मशीन से कार्य कराया जा रहा था। जिसके प्रमाण उनके पास सुरक्षित है जो कि जांच टीम को उपलब्ध कराये जा सकते हैं। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि इस तरह मशीनों से कार्य करवाया जाना मजदूरों के हक अधिकारों का खुला हनन है। इसकी मौखिक एवं लिखित शिकायत उन्होंने विगत दिनों उत्तर वन मण्डल के सीसीएफ सहित एसडीओ जीपी. कुदारे, प्रभारी रेंजर विकास सेंद से की थी, लेकिन आज दिनांक तक किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की गई जो कि अधिकारियों की भ्रष्टाचार में संलिप्ता दर्शाती है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों में इस मामले में वैधानिक कार्यवाही नहीं हुई तो भीम सेना संगठन मजदूरों के हक में आन्दोलन के लिए विवश होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
–ये है नियम–
वन अधिनियम के तहत वन क्षेत्र में किसी भी कार्य , निर्माण व खनन के लिए जेसीबी का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इससे वन्यजीवों के विचलित होने की भी आशंका बनी रहती है।

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