महिला सशक्तिकरण हेतु जागरण अभियान चलाया गया

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महिला सशक्तीकरण हेतु विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रायगढ़ :- जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष श्री रमाशंकर प्रसाद के निर्देशन में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पेन इंडिया अर्वेनेस एण्ड आउटरिच अभियान अन्तर्गत तथा ‘विधिक सेवा दिवस’ के अवसर पर, जिला न्यायालय परिसर रायगढ़ के नये भवन मिडियेशन सेन्टर में महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिसमें स्कूल के टीचर्स, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन तथा रिसोर्स पर्सन में अधिवक्तागण शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य थीम ” मोर नोनी, मोर महतारी, सुपोषण, सुरक्षा अऊ सम्मान के अधिकारी” रखा गया। यह कार्यक्रम दो चरणों में सम्पादित किया गया। जिसमें महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों जैसे कन्या भ्रुण हत्या आदि से आरम्भ करते हुए सीनियर सिटीजन संबंधी कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे से किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में महिला एवं बाल विकास विभाग रायगढ़ से उपस्थित जिला महिला संरक्षण अधिकारी श्रीमती चैताली राय विश्वास, चिकित्सा विभाग से डॉ.काकोली पटनायक तथा पुलिस परामर्श केन्द्र से सुश्री संध्यारानी कोका एवं रिसोर्स पर्सन श्रीमती रितु सिंह, अधिवक्ता द्वारा संविधान के अन्तर्गत महिलाओं को प्रदत्त अधिकारों, घरेलू हिंसा से महिलाओं का सरंक्षण अधिनियम, 2005 तथा महिलाओं के लिये बने अन्य कानून के बारे में तथा गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम 1971 के संदर्भ में महिला चिकित्सक द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्यगत अधिकारों एवं महिलाओं के गर्भपात के बारे में बताया गया। साथ ही महिला बाल विकास विभाग की ओर से महिलाओं के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत जानकारियॉ दी गईं।
कार्यक्रम का दूसरा चरण दोपहर 2 बजे से प्रारम्भ किया गया। जिसमें जिला न्यायाधीश श्री रमाशंकर प्रसाद, अपर जिला न्यायाधीश श्री चन्द्र कुमार कश्यप तथा अन्य महिला न्यायाधीशगण में विशेष न्यायाधीश श्रीमती गिरिजादेवी मेरावी तथा श्रीमती पल्लवी तिवारी, अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट रायगढ़ द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीडऩ अधिनियम तथा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अन्य कानूनों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अन्त में रिसोर्स पर्सन कु.देवकी साव, अधिवक्ता द्वारा महिलाओं से जुड़ी कानूनी जानकारियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। महिलाओं के अधिकारों के विषय में जानकारी प्रदान करते हुए, आभार प्रदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सचिव श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव सिन्हा के द्वारा किया गया। पैरालीगल वालिंटियर्स द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को महिलाओं से संबंधित कानूनी पुस्तकों, बुकलेट एवं पाम्पलेट्स का वितरण किया गया।

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