Categories: विदेश

US-Canada Trade War: अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% टैरिफ, भड़के पीएम मार्क कार्नी

ट्रेड वॉर की शुरुआत: अमेरिका ने लगाया 50% आयात शुल्क, भड़के कनाडा के पीएम ने खाई आर-पार की कसम

वाशिंगटन/ओटावा:उत्तर अमेरिकी महाद्वीप के दो सबसे बड़े आर्थिक सहयोगियों—अमेरिका और कनाडा—के बीच व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह पटरी से उतर गए हैं। वाशिंगटन में तीन दिनों तक चली मैराथन द्विपक्षीय बातचीत अचानक टूटने के बाद दोनों देशों के बीच एक खतरनाक ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) छिड़ गया है। अमेरिकी प्रशासन ने कनाडा से आने वाले उत्पादों पर 50 फीसदी का भारी-भरकम सीमा शुल्क (Tariff) ठोक दिया है। इस कड़े आर्थिक प्रहार से नाराज कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने न सिर्फ वार्ता को सस्पेंड कर दिया है, बल्कि अमेरिका को ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ देने की कसम खाई है।

आखिरी वक्त पर क्यों फेल हुई महाडील?

  • अमेरिका का दावा: वाशिंगटन का आरोप है कि बातचीत के अंतिम दौर में कनाडा अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, स्टील और एल्युमीनियम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राहत देने के बावजूद कनाडाई दल ने आखिरी मिनट में ऐसी अनुचित मांगें रखीं, जिन्हें स्वीकार करना संभव नहीं था।
  • कनाडा का रुख: इसके उलट, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका उनकी अर्थव्यवस्था पर एकतरफा शर्तें थोप रहा था। उन्होंने साफ किया कि कनाडा किसी भी समय सीमा या आर्थिक दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

‘डॉलर के मुकाबले डॉलर’ का जवाबी एक्शनइस कूटनीतिक

इस कूटनीतिक और आर्थिक झटके के बाद कनाडा ने वाशिंगटन से अपनी वार्ताकार टीम को तुरंत वापस बुला लिया है। पीएम कार्नी ने सख्त लहजे में एलान किया कि कनाडा इस कार्रवाई को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ‘डॉलर के बदले डॉलर’ नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी सामानों पर भी ठीक इसी अनुपात में जवाबी टैरिफ लगाया जाएगा। इसके साथ ही कनाडाई सरकार ने प्रभावित होने वाले अपने घरेलू उद्योगों को विशेष वित्तीय पैकेज देने का भी वादा किया है।

इन चीजों पर पड़ेगा सीधा असरअमेरिका के इस 50% टैरिफ की मार कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के निर्यात पर पड़ेगी। इसके दायरे में आने वाली प्रमुख चीजों में शामिल हैं:रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामानचिकित्सा उपकरण (Medical Devices)खेल उत्पाद (विशेषकर आइस हॉकी गियर और स्टिक्स)

क्या होगा प्रभाव?
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों पड़ोसी देशों की इस तकरार से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) प्रभावित हो सकती है। सबसे बड़ा नुकसान दोनों देशों के आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा, क्योंकि इस टैक्स वृद्धि के कारण आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।

ntvtime

Recent Posts

जाम घाट में बड़ा हादसा टला: 51 छात्रों और शिक्षिका से भरी बस के ब्रेक फेल

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव की यूनिवर्सिटी के 51…

32 minutes ago

धार : भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई 29 अक्टूबर को, हाईकोर्ट से पूरा रिकॉर्ड तलब

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) भोजशाला विवाद से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम…

43 minutes ago

इंदौर में ED का बड़ा एक्शन: कंपनी संचालकों के ठिकानों पर छापेमारी, 10 से ज्यादा अधिकारी जांच में जुटे

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) पीयू-4 स्थित इंकग्राफ के ऑफिस और महालक्ष्मी नगर में अर्पित-अपूर्व…

2 hours ago

सरकार के बड़े फैसले से शुगर स्टॉक्स में हाहाकार: बलरामपुर चीनी और उत्तम शुगर के शेयर 6% तक धड़ाम

सरकार के बड़े फैसले से शुगर स्टॉक्स में हाहाकार: बलरामपुर चीनी और उत्तम शुगर के…

2 hours ago

कार खरीदारों को झटका: अगले महीने से महंगी होंगी Tata Motors की गाड़ियां, जानें जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

नई दिल्ली:अगर आप इस फेस्टिव सीजन में टाटा की कोई नई कार घर लाने की…

3 hours ago