इंदौर। शहर के एक स्थानीय बगीचे में जैन संत के अंतिम संस्कार को लेकर देर रात स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए रात के समय बगीचे में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से इनकार कर दिया। वहीं, सुबह जैसे ही घटना की सूचना क्षेत्र के नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिली, वे मौके पर इकट्ठा होना शुरू हो गए और पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
रात में पुलिस ने जताई आपत्ति
जानकारी के अनुसार, जैन संत के देवलोकगमन के बाद देर रात उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां बगीचे में की जा रही थीं। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सार्वजानिक उद्यान में रात्रि के समय अंतिम संस्कार प्रक्रिया पर रोक लगा दी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि नियमों के तहत सार्वजनिक स्थल और रात के समय इस प्रकार की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुबह भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
सुबह तक घटना की खबर शहर में आग की तरह फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग और स्थानीय रहवासी बगीचे के बाहर जमा हो गए। प्रशासन की इस रोक से समाजजन आहत दिखे और उन्होंने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों और समाज के प्रबुद्धजनों के बीच वार्ता जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता चल रही है, ताकि शांतिपूर्ण ढंग से संत के अंतिम संस्कार की विधि संपन्न कराई जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि कानून-व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं दोनों का संतुलन बना रहे।
इंदौर में जैन संत के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद, देर रात पुलिस ने रोकी प्रक्रिया; सुबह पहुंचे आक्रोशित रहवासी
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