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एकल शिक्षकीय विद्यालय पठियापाली में हुई शिक्षिका की पदस्थापना

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//समाचार//

एकल शिक्षकीय विद्यालय पठियापाली में हुई शिक्षिका की पदस्थापना

युक्तियुक्तकरण से विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई आसान

कोरबा से जिला ब्यूरो चीफ महेन्द्र सोनवानी की खास रिपोर्ट

Ntv time छत्तीसगढ़

कोरबा 09 सितंबर 2025/ करतला ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पठियापाली के प्राथमिक शाला में गाँव के सभी बच्चे पढ़ाई करते हैं। लम्बे समय से इस विद्यालय में शिक्षकों की कमी की वजह से गाँव के बच्चों को नुकसान उठाना पड़ता था। एक ही शिक्षक होने से एक क्लास की पढ़ाई होती थी तो दूसरे क्लास की पढ़ाई रुक जाती थी। कई बार एक ही शिक्षक होने की वजह से सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही क्लास में बैठाकर पढ़ाना पड़ता था। अब जबकि युक्ति युक्तकरण से यहाँ एक अन्य शिक्षिका की पदस्थापना हो गई है तो विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति अब पहले से बेहतर बन गई है। विद्यार्थियों को अब क्लास में खाली नहीं बैठना पड़ता है। नई मैडम और पुराने सर उनकी नियमित क्लास लेते हैं।
जिले के करतला ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पठियापाली प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों की कुल दर्ज संख्या 32 है। यहाँ पढ़ाई करने वाले ज्यादातर विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति परिवार से है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिशेष शिक्षकों के समायोजन के पश्चात जिले के सैकड़ो विद्यालय में विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। इस कड़ी में पठियापाली के प्राथमिक शाला में भी शिक्षक की कमी खत्म हुई। युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया के बाद स्कूल में एक अन्य शिक्षिका पदस्थ की गई। विद्यालय के प्रधानपाठक श्री जवाहर सिंह ने बताया कि पूर्व में यह विद्यालय एकलशिक्षकीय था। एकलशिक्षकीय विद्यालय में पढ़ाई कराने में समस्या का सामना करना पड़ता था। अब यहाँ एक शिक्षिका सविता पैंकरा पदस्थ हुई है। उनके यहाँ पदस्थ होने के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई आसान हो गई है। बच्चों की नियमित कक्षाएं लग रहीं है। विद्यालय के कक्षा पाँच के छात्र रुद्र प्रताप सिंह कक्षा चौथी की अनुष्का और कक्षा पांचवी की सौम्या कँवर ने बताया कि स्कूल में मैडम के आने के बाद हम लोग को भी बहुत अच्छा लगता है। नई मैडम उन्हें अच्छे से पढ़ाती है। िंहंदी एवं अंग्रेजी वर्णमाला, जोड़ना, घटाना, पहाड़ा को खेल खेल में मनोरंजन के साथ एवं रोचक तरीके से सीखाती है। साथ ही मैडम बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ भी सीखा रही है। जिससे स्कूल में बच्चों की नियमित उपस्थिति में सुधार हुआ है। अब बच्चों में स्कूल आने के लिए उत्साह नजर आता है। अभिभावक एवं ग्रामीणों में भी विद्यालय में नई शिक्षिका की नियुक्ति से अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता दूर हुई है। सभी राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति की सराहना करते हुए बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति आशान्वित हैं।

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