Home छत्तीसगढ कटघोरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भारी-भरकम धारदार कड़े बने अपराध का हथियार…एक...

कटघोरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भारी-भरकम धारदार कड़े बने अपराध का हथियार…एक क्विंटल कड़े जब्त

0

कटघोरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भारी-भरकम धारदार कड़े बने अपराध का हथियार…एक क्विंटल कड़े जब्त,,,

कोरबा से जिला ब्यूरो चीफ महेन्द्र सोनवानी की खास रिपोर्ट
NTV TIME छत्तीसगढ़

कोरबा/कटघोरा :- जरा-जरा सी बात पर मारपीट करने और आपराधिक वारदातों में युवाओं का नया हथियार बन चुके भारी-भरकम धारदार कड़े अब पुलिस के रडार पर आ गए हैं। धार्मिक आस्था, ज्योतिषीय मान्यता या शौक से पहने जाने वाले सामान्य कड़े का स्वरूप बदलकर अब खतरनाक हथियार बन गया है। इन नुकीले और धारदार कड़ों का इस्तेमाल हाल ही में बढ़ते झगड़ों और हमलों में तेजी से सामने आ रहा है।
कड़े से बढ़ रहे हमले के मामले –
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि जिले में दर्ज मारपीट के कई मामलों में लाठी-डंडों के साथ-साथ अब इन भारी-भरकम कड़ों से वार किए जाने की शिकायतें आम हो गई हैं। खासकर सिर और चेहरे पर किए गए वार गंभीर चोटें पहुँचा रहे हैं। हाल ही में गणेश विसर्जन के दौरान नगर में हुई झड़पों में कई युवकों द्वारा कड़े से हमला करने की शिकायतें थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी तक पहुँचीं।

पुलिस का सघन अभियान, एक क्विंटल कड़े जप्त –
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस बल को नगर में उतारा। महज डेढ़ घंटे चली इस सघन कार्रवाई में पुलिस ने युवाओं के हाथों से करीब एक क्विंटल भारी-भरकम कड़े जब्त कर लिए। इनमें कई कड़े 250 से 500 ग्राम तक वजनी पाए गए, तो कुछ नुकीले और धारदार डिजाइन वाले थे, जिन्हें देखकर लोग भी हैरान रह गए।
माता-पिता को भी होगी जवाबदेही –
थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने साफ चेतावनी दी है कि नाबालिग या कम उम्र के युवाओं को इस तरह के खतरनाक कड़े पहने पाए जाने पर उनके माता-पिता को सीधे थाना बुलाया जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
जनता ने सराहा, अपराध पर लगेगी रोक –
कटघोरा पुलिस की इस सख्ती को लेकर नगर और जिले में चर्चाएं तेज हैं। आमजन का कहना है कि पुलिस की यह पहल सराहनीय है क्योंकि युवाओं में बढ़ती यह प्रवृत्ति अपराध को जन्म दे रही थी। अब इस कड़ी कार्रवाई से युवाओं में भय का माहौल बनेगा और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version