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गुलमर्ग में बड़ा हादसा टला: केबल कार खराब होने से हवा में फंसे 300 पर्यटक, सेना ने संभाली कमान

– रस्सियों और सीढ़ियों के सहारे चलाया जा रहा है जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन – भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन ने अब तक 80 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला

विशेष संवाददाता, श्रीनगर/गुलमर्ग

25 मई, 2026

कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। यहां दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे में शुमार ‘गुलमर्ग गंडोला’ (केबल कार) में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण करीब 300 पर्यटक हवा में फंस गए। केबिनों के बीच हवा में लटके पर्यटकों में भारी घबराहट फैल गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला। दुर्गम परिस्थितियों के बीच सेना के जांबाज जवानों ने रस्सियों और सीढ़ियों के सहारे अब तक 80 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बाकी बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

अचानक थमीं गंडोला की रफ्तारें, केबिनों में मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब गंडोला सेवा सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक एक तकनीकी खराबी के चलते केबल कार का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान अलग-अलग चरणों (फेज) के बीच करीब दर्जनों केबिन हवा में ही अटक गए। इन केबिनों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग पर्यटक भी सवार थे। ऊंचाई पर तेज हवाओं के बीच केबिनों के हिलने और केबल कार के बंद होने से पर्यटकों में दहशत फैल गई और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे।

सेना का देवदूत बनकर आना: रस्सियों और सीढ़ियों से रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय सेना की स्थानीय इकाई, पुलिस और गंडोला प्रोजेक्ट के तकनीकी विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे। चूंकि कुछ केबिन बेहद ऊंचाई पर और दुर्गम इलाकों के ऊपर अटके हुए थे, इसलिए वहां तक सामान्य तरीके से पहुंचना नामुमकिन था।

सेना के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए रस्सियों और विशेष सीढ़ियों के सहारे केबिनों तक अपनी पहुंच बनाई। हवा में लटके केबिनों के दरवाजे खोलकर बेहद सावधानी से पर्यटकों को हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) पहनाकर एक-एक करके नीचे उतारा जा रहा है। बचाए गए पर्यटकों में से कई बेहद डरे हुए थे, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार, पानी और भोजन उपलब्ध कराया गया।

दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे में से एक है गुलमर्ग गंडोला

गुलमर्ग गंडोला एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा केबल कार प्रोजेक्ट है। यह समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित अफरवत चोटी तक जाता है। इस रोपवे के दो चरण (फेज) हैं:

  1. पहला चरण: गुलमर्ग से कोंगडोरी (लगभग 8,500 फीट)
  2. दूसरा चरण: कोंगडोरी से अफरवत चोटी (लगभग 14,000 फीट)

हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक बर्फबारी और वादियों का दीदार करने के लिए इस गंडोला की सवारी करते हैं।

जांच के आदेश, पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारी पहली प्राथमिकता हवा में फंसे हर एक पर्यटक को सुरक्षित और सकुशल जमीन पर वापस लाना है। सेना और हमारी रेस्क्यू टीमें बेहतरीन तालमेल के साथ काम कर रही हैं। गंडोला में किस तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ, इसके कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”

समाचार लिखे जाने तक बचाव कार्य पूरी तेजी से जारी था और सेना के अधिकारियों का कहना है कि जब तक आखिरी पर्यटक को सुरक्षित नहीं निकाल लिया जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।

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