Explore the website

Looking for something?

Saturday, May 23, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

भाजपा सांसद की पत्नी...

देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर आम जनता...

बिलगांव में खाना बनाते...

शहपुरा थाना क्षेत्र के बिलगांव में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया।...

MP में ‘लाड़ली बहना’...

- मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' में एक...

भोजशाला में 700 साल...

मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर में आज, 700 सालों में...
Homeमध्य प्रदेशजल संकट में इंदौर; पानी के लिए झगड़े-चक्काजाम; बोरिंग सूखे: भीषण गर्मी...

जल संकट में इंदौर; पानी के लिए झगड़े-चक्काजाम; बोरिंग सूखे: भीषण गर्मी में टैंकरों का इंतजार, लोग बोले- ऐसे नेताओं को अब वोट नहीं

इंदौर. भीषण गर्मी के बीच शहर जल संकट से जूझ रहा है। कई इलाकों में नलों में पानी नहीं आ रहा है, तो कई जगह बोरिंग सूख गए हैं। पानी की कमी के चलते लोगों का गुस्सा फूट रहा है और वे सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर रहे हैं। पानी के लिए आपस में झगड़े की खबरें भी सामने आ रही हैं।

टैंकरों का इंतजार, लेकिन नहीं बुझ रही प्यास

नगर निगम के टैंकरों के भरोसे लोग अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं, लेकिन वे भी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद जब टैंकर आता है, तो पानी के लिए लोगों के बीच मारामारी मच जाती है। पानी की कमी से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

नेताओं के प्रति आक्रोश, वोट नहीं देने की चेतावनी

जल संकट से परेशान लोगों में नेताओं के प्रति खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद उन्हें जनता की कोई परवाह नहीं रहती। कई लोगों ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि वे ऐसे नेताओं को अब वोट नहीं देंगे जो उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर सकते।

प्रशासनिक स्तर पर क्या हो रहा है?

नगर निगम और जिला प्रशासन जल संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

स्थिति गंभीर, तत्काल समाधान की जरूरत

इंदौर में जल संकट की स्थिति गंभीर है और इसका तत्काल समाधान खोजने की जरूरत है। प्रशासन को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version