सब-हेडलाइन: शादी के महज 16 दिन बाद पति ने जब पत्नी का मोबाइल चेक किया, तो खुली ऐसी साजिश जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए; खुद का सुहाग उजाड़कर दूसरे के घर में डाका डालने की थी तैयारी।
ग्वालियर (मप्र)।
रिश्तों को शर्मसार और कानून को ठेंगा दिखाने वाली एक ऐसी घटना ग्वालियर से सामने आई है, जिसने विवाह जैसे पवित्र बंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में एक शातिर ‘लुटेरी दुल्हन’ और उसके गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस शख्स ने शादी में लड़की का सगा भाई बनकर कन्यादान और अन्य रस्में निभाईं, वह असल में दुल्हन का पहला और कानूनी पति निकला। दुल्हन अपने इस ‘फर्जी भाई’ (असली पति) के साथ मिलकर शादी के गहने और नकदी समेटकर भागने और बाद में ब्लैकमेल करने की बड़ी साजिश रच रही थी।
ऐसे शुरू हुई ‘फर्जी शादी’ की पटकथा
पीड़ित रतन शर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर हैं। उनके परिवार में पांच भाई हैं और काफी समय से परिवार में किसी की शादी नहीं हुई थी। रतन का परिवार लंबे समय से एक अच्छे रिश्ते की तलाश में था। इसी दौरान सोनू तिवारी नामक एक बिचौलिए ने उन्हें मुरैना की रहने वाली ‘राधा’ (बदला हुआ नाम) का रिश्ता सुझाया।
लड़की का फोटो पसंद आने के बाद रिश्ता तय हुआ। इसके बाद ७ मई को ग्वालियर के पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में पूरे हिंदू रीति-रिवाज से धूमधाम से शादी कराई गई। इस शादी में पीड़ित परिवार के करीब ७ लाख रुपये खर्च हुए।
मां, बहन, जीजा… सब निकले फर्जी रिश्तेदार
इस ठग गिरोह ने पीड़ित परिवार का भरोसा जीतने के लिए बाकायदा एक फर्जी मायका तैयार किया था। शादी के दौरान:
- सोनू चौहान (दुल्हन का असली पति) खुद को लड़की का सगा भाई बताकर गोद भराई और शादी की रस्मों में शामिल हुआ।
- सोनू चौहान की मां माया देवी ने लड़की की मां बनकर कन्यादान की रस्म अदा की।
- आरोपी की बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की वाले बनकर शादी में शरीक हुए और जम कर खातिरदारी करवाई।
शादी संपन्न होने के बाद दुल्हन विदा होकर नाका चंद्रवदनी स्थित रतन के घर आ गई।
एक रात खुली पोल: व्हाट्सऐप चैट ने उड़ाए होश
शादी के बाद से ही नई दुल्हन का व्यवहार संदिग्ध था। वह लगातार अपने मोबाइल पर व्यस्त रहती थी और किसी से गुपचुप तरीके से घंटों चैट करती थी। जब भी रतन उसके पास जाता, वह फोन छिपा लेती। एक रात जब दुल्हन सो रही थी, तब रतन ने उसका मोबाइल उठाकर जांच की।
व्हाट्सऐप चैट खोलते ही रतन के पैरों तले जमीन खिसक गई। चैटिंग किसी और से नहीं बल्कि दुल्हन के ‘भाई’ सोनू चौहान से हो रही थी। चैट में सोनू और राधा एक-दूसरे को पति-पत्नी संबोधित कर रहे थे और दोनों के बीच चल रही बातचीत में पूरी साजिश का कच्चा चिट्ठा मौजूद था:
- गहने लेकर भागने का प्लान: दोनों योजना बना रहे थे कि जल्द से जल्द घर में रखे सारे असली जेवर और नकदी समेटकर मायके भाग आना है।
- दहेज का झूठा केस: भागने के बाद रतन और उसके परिवार पर दहेज प्रताड़ना का फर्जी मामला दर्ज कराने की तैयारी थी।
- मोटी वसूली की प्लानिंग: केस दर्ज कराने के बाद समझौते के नाम पर पीड़ित परिवार से लाखों रुपये वसूलने का षड्यंत्र रचा जा रहा था।
रतन को जांच में यह भी पता चला कि उनकी कथित पत्नी पहले से ही आर्य समाज मंदिर में सोनू चौहान से शादी कर चुकी है और दोनों का एक बच्चा भी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित रतन शर्मा ने तुरंत साक्ष्यों (चैट स्क्रीनशॉट और शादी के वीडियो) के साथ ग्वालियर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी दुल्हन और उसके पति सोनू चौहान को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का बयान:
“पीड़ित युवक की शिकायत पर हमने त्वरित कार्रवाई की है। प्राथमिक जांच में मामला गंभीर और सुव्यवस्थित धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है। जो युवक भाई बनकर आया था, वह पूर्व से महिला का पति बताया जा रहा है। मामले में शामिल अन्य फर्जी रिश्तेदारों और बिचौलिए की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पाठकों के लिए सतर्कता संदेश: शादी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आजकल ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह काफी सक्रिय हैं। ऐसे हादसों से बचने के लिए अखबार अपने पाठकों को सचेत करता है:
- बिचौलियों की पूरी जांच करें: शादी तय कराने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि और विश्वसनीयता की पुष्टि अवश्य करें।
- दस्तावेजों का सत्यापन: वर-वधू पक्ष के आधार कार्ड, वोटर आईडी और परिवार के अन्य सदस्यों के पहचान पत्रों की जांच करें।
- पड़ोसियों से पूछताछ: शादी तय करने से पहले लड़की/लड़के के घर और पड़ोस में जाकर अनौपचारिक रूप से उनके चाल-चलन और परिवार की जानकारी लें।
- कोर्ट या मैरिज रजिस्ट्रार में जांच: यदि संदेह हो, तो स्थानीय विवाह पंजीकरण कार्यालय या आर्य समाज मंदिरों से पूर्व विवाह के रिकॉर्ड की जांच करवा सकते हैं।
