पापमोचनी एकादशी पर निकली आकर्षक झांकियां, प्रतिभावान विद्यार्थियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
डिण्डौरी। जिले के शहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बिलगांव में साहू तेली समाज की आराध्य भक्त शिरोमणि माँ कर्मा की जयंती चैत्र कृष्णपक्ष की पापमोचनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित जयंती समारोह में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति गीतों, जयकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पूजा-अर्चना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ माँ कर्मा की पूजा-अर्चना से हुई। समाज के वरिष्ठजनों और महिलाओं ने माँ कर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी और समाज की सुख-समृद्धि व एकता की कामना की। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों और समाजसेवियों का सम्मान
जयंती समारोह के दौरान समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों को मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य समाज में शिक्षा और सेवा की भावना को बढ़ावा देना है। सम्मानित प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
विभिन्न गांवों से आई आकर्षक झांकियां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न गांवों से आई सजीव और आकर्षक झांकियां रहीं। करौंदी, बरगांव, बांकी, कंचनपुर और बिलगांव से आई झांकियों में माँ कर्मा के जीवन से जुड़े प्रसंगों और प्रेरणादायक संदेशों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इन झांकियों को पूरे ग्राम में शोभायात्रा के रूप में भ्रमण कराया गया, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
जयकारों से गूंजा पूरा गांव
झांकियों के साथ चल रहे समाजजन माँ कर्मा के जयकारे लगाते हुए पूरे गांव में भ्रमण करते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया। जगह-जगह ग्रामीणों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
समाज की एकता और संस्कारों पर दिया जोर
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने अपने संबोधन में माँ कर्मा के आदर्शों और उनके त्यागमय जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों को एकजुट होकर आगे बढ़ने तथा युवाओं को शिक्षा, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
महिलाओं और युवाओं की रही सक्रिय भागीदारी
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सामाजिक एकता का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे आयोजन और अधिक जीवंत और भव्य बन गया।
आभार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी समाजजनों, सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण यह आयोजन देर शाम तक चलता रहा और पूरे क्षेत्र में इसकी विशेष चर्चा होती
रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी



