( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की गई थी. संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर दी थी. दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कार्यालय परिसर के बाहर जमा हो गए. दोनों पक्षों की मौजूदगी के बीच माहौल धीरे धीरे गरमाता गया और अचानक नारेबाजी के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई.
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) में राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए. कांग्रेस (Congress) कार्यालय के घेराव को लेकर दोनों दलों के समर्थक आमने सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति पत्थरबाजी में बदल गई. इस घटना में कई लोग घायल हुए, वहीं ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को भी चोट आई है. घायल पुलिसकर्मी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घेराव की घोषणा के बाद बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की गई थी. संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर दी थी. दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कार्यालय परिसर के बाहर जमा हो गए. दोनों पक्षों की मौजूदगी के बीच माहौल धीरे धीरे गरमाता गया और अचानक नारेबाजी के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई.
पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हुए पथराव में कई लोग घायल हो गए. इस दौरान कानून व्यवस्था संभाल रहे पुलिस जवान भी इसकी चपेट में आ गए. बताया जा रहा है कि सब इंस्पेक्टर राम सिंह बघेल को सीधे पत्थर लगने से चोट आई, जबकि आरक्षक जगमोहन भी घायल हुए. पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर भीड़ को तितर बितर किया.
बिना अनुमति प्रदर्शन पर दर्ज हुआ मामला
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रदर्शन के लिए विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी. घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और कानून व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
CCTV और वीडियो फुटेज से होगी पहचान
पुलिस अब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की मदद से पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों.
पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी.


