शराब पिलाकर दुष्कर्म और चार महीने तक धमकाने का आरोप, राजनीतिक गलियारों में हलचल
राज्य की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब एक मंत्री के बेटे पर पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और करीब चार महीने तक धमकाता रहा।
मामले के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार और बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में मामले को दबाने की कोशिश की गई। वहीं, बीजेपी और संघ के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर असहजता देखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का नाम सामने आने से RSS के कुछ पदाधिकारी नाराज बताए जा रहे हैं और उन्होंने संगठन की छवि खराब होने पर चिंता जताई है।
पीड़िता के परिवार का कहना है कि लगातार धमकियों के कारण वे लंबे समय तक सामने नहीं आ सके। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मेडिकल जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
उधर, मंत्री ने बेटे पर लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा है कि सच जांच के बाद सामने आएगा। उन्होंने कहा कि परिवार कानून प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष सरकार से मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि बीजेपी फिलहाल मामले पर सतर्क रुख अपनाए हुए है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और जल्द ही कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
