Explore the website

Looking for something?

Monday, February 16, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

पीथमपुर : पुलवामा शहीदों...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) एनटीवी टाइम न्यूज पीथमपुर/ हिन्दू स्वाभिमान परिषद ने पीथमपुर/धार...

मेहंदवानी में ‘संपूर्णता अभियान...

कलेक्टर, जिला डिंडोरी के निर्देशानुसार मेहंदवानी (आकांक्षी विकासखंड) में ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ के...

कटनी में मंगेतर पर...

( कटनी सवाददाता मोहम्मद एज़ाज़ ) युवती ने पुलिस को बताया कि उसने युवक...

रतलाम में ग्रामीण और...

रतलाम के लुनेरा स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर खनन का...
Homeदेशमां ने बेटी को गोद में बिठा अपने हाथों से दी दर्दनाक...

मां ने बेटी को गोद में बिठा अपने हाथों से दी दर्दनाक मौत..तड़प-तड़प कर निकली जान, वजह चौंकाने वाली

  • आंध्र प्रदेश: तिरुपति जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक मां ने वही काम किया जिसकी कल्पना शायद किसी ने भी नहीं की थी अपनी ही बेटी की जान ले ली। वजह कवल यह थी कि बेटी ने एक दूसरी जाति के लड़के से प्रेम कर लिया था।  और यही बात मां को इतनी नागवार गुज़री कि उसने समाज के डर और इज़्ज़त के नाम पर अपनी ही बेटी की सांसें छीन लीं।

मामले की शुरुआत हुई एक 16 साल की लड़की और 20 साल के युवक के प्यार से। दोनों पिछले तीन साल से रिश्ते में थे, लेकिन जाति अलग होने की वजह से दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को सिरे से खारिज कर दिया। बावजूद इसके, दोनों ने 2024 में शादी कर ली – वो भी परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ।

शादी के कुछ महीनों बाद जब लड़की गर्भवती हुई, तो मां का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने बेटी के पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी, जिसके बाद युवक को POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बावजूद इसके, लड़की अपने पति से मिलने जाती रही।

जब लड़की की मां को यह पता चला कि वह जेल में बंद अपने पति से मिलती रहती है, तो उसने जबरदस्ती बेटी का गर्भपात करवा दिया। लेकिन बेटी की जिद और प्रेम की जंजीरें कमजोर नहीं पड़ीं। जब युवक को बेल मिली और लड़की ने फिर से संपर्क साधने की कोशिश की – तो मां का धैर्य टूट गया।

ममता को निगल गया क्रोध

पुलिस के अनुसार, एक दिन मां ने अपनी बेटी को गोद में बिठाया और उसके नाक और मुंह को अपने हाथों से दबाकर मार डाला। बच्ची तड़पती रही, लेकिन मां का गुस्सा कम नहीं हुआ। कुछ ही मिनटों में मासूम की सांसें थम गईं।

सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के कुछ घंटों बाद, मां ने शव को स्वर्णमुखी नदी के किनारे ले जाकर जला दिया। इतनी जल्दी किया गया अंतिम संस्कार गांव वालों को खटक गया। 9 अप्रैल को गांव के एक राजस्व अधिकारी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस को सूचना दी।

फरार हुई मां, फिर किया सरेंडर

हत्या के बाद मां फरार हो गई थी। लेकिन अपराधबोध और पछतावे ने उसे चैन से जीने नहीं दिया। शुक्रवार को उसने एक गांव के बुजुर्ग के सामने आत्मसमर्पण किया और अपना जुर्म कबूल किया। उसने कहा कि समाज के तानों और बदनामी के डर ने उसे ये खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया। डीएसपी बेतापुडी प्रसाद ने घटना को बेहद दर्दनाक और अमानवीय करार दिया। पुलिस ने मां को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version