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वार्ड में भर्ती बच्ची के हाथ-पैर कैसे जले? सागर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खामोश

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में डेढ साल की मासूम की जलकर मौत, जांच कमेटी गठित.

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज को लेकर लगातार लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं. यहां डेढ़ साल की मासूम बच्ची की मौत को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. बच्ची को निमोनिया की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था. बच्ची को पीआईसीयू वार्ड में रखा गया. रविवार सुबह जब बच्चों के परिजन देखने पहुंचे तो बेटी की हालत ठीक थी. लेकिन शाम को अस्पताल स्टाफ ने बताया कि बच्ची की मौत हो गई है. जब परिजनों ने मासूम को देखा तो उसके हाथ पैर जले हुए थे.

डीन ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की

पीड़ित परिजनों का आरोप है “बेटी के नजदीक मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने हीटर चला दिया. इससे झुलसकर बच्ची की मौत हो गयी.” मासूम की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. इसके बाद बच्चे का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया. वहीं, सोमवार को मेडिकल कॉलेज के डीन ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 3 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. मामले के अनुसार सानौधा गांव के निवासी अरुण अहिरवार ने निमोनिया की शिकायत के चलते डेढ़ साल की बेटी को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में दिखाया. 19 मार्च को उसे भर्ती कर लिया गया.

बच्ची की मौत के बाद हंगामा, पुलिस मौके पर (NTV TIME NEWS)

परिजनों ने हंगामा किया तो गार्ड ने धमकाया

रविवार शाम 6 बजे मासूम के परिजनों को पता चला कि बच्ची की मौत हो गई है. पिता अरुण अहिरवार का आरोप है “बेटी के पास ही हीटर लगा दिया गया. इससे बच्ची के हाथ-पैर जल गए और उसकी मौत हो गई.” बेटी की हालत देखकर परिजन हंगामा करने लगे तो आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने उनके साथ अभद्रता की. पुलिस ने मामले को शांत कराया. इस मामले में मेडिकल कालेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर का कहना है “घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. जांच कमेटी में प्रो. डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. मो. इल्यास, डॉ.अजित आनंद असाटी को रखा गया है.”

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