शहडोल जिले के सोहागपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोडरी के सेहराटोला में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब कक्षा की छत का प्लास्टर अचानक गिर पड़ा। घटना के समय कक्षा में शिक्षक के साथ कई बच्चे मौजूद थे, लेकिन सौभाग्यवश कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। इस घटना ने शिक्षा विभाग की लापरवाही और उपेक्षा को उजागर कर दिया है।
बताया गया कि यह विद्यालय भवन वर्ष 1999-2000 में बना था और वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक के कुल 33 विद्यार्थी यहां अध्ययनरत हैं। स्कूल के शिक्षक अमर पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष ही भवन की जर्जर स्थिति को लेकर विभाग को पत्र लिखकर सचेत किया था। छत में दरारें उभर आई थीं, जिसकी सीमित मरम्मत स्कूल स्तर पर की गई थी। बावजूद इसके, विभाग ने भवन की हालत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में रोष और चिंता का माहौल है। एक अभिभावक ने कहा, “हम रोज़ अपने बच्चों को डरते-डरते स्कूल भेजते हैं, लेकिन अब यह हादसा चेतावनी है कि अगर तुरंत कोई कदम नहीं उठाया गया तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।”
बीआरसी महेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा, “हमें घटना की जानकारी मिल चुकी है। हमने निर्देश जारी किए हैं कि जर्जर भवनों की कक्षाएं निजी सुरक्षित भवनों में संचालित की जाएं। संबंधित विद्यालय को लेकर कार्रवाई की जा रही है।”
शिक्षा विभाग ने फिलहाल प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं पास के एक निजी भवन में संचालित करने का निर्णय लिया है और अब वहां व्यवस्था भी कर दी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित न हों।
संवाददाता महेश राठौड़ छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं…
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