नई दिल्ली: आम आदमी की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महीने यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है।
आज पेट्रोल की कीमत में [2.61] पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में [2.71] पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर:
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस लगातार बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहा उछाल है। मध्य पूर्व में, विशेषकर ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं गहरा गई हैं। इसके चलते वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें [100] डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
आम जनता पर क्या होगा असर?
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस वृद्धि से आम आदमी का बजट बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरी चीजों, जैसे सब्जियां, फल, और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा है।
आगे क्या?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद कम है।
