पीथमपुर में गणगौर उत्सव, महिलाओं ने खेला गरबा, सैकड़ों परिवारों ने माता गौरी की स्तुति की, 21 मार्च को महोत्सव का समापन!

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )

एनटीवी टाइम न्यूज पीथमपुर/ औद्योगिक नगर पीथमपुर में नौ दिवसीय गणगौर उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। भूआना प्रांतीय उत्सव समिति द्वारा स्थानीय गीतांजलि एकेडमी प्रांगण में आयोजित इस उत्सव में क्षेत्र के सैकड़ों परिवार भाग ले रहे हैं।

यह उत्सव पिछले 32 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है, जिसमें लगभग 750 परिवार शामिल होते हैं। गणगौर पर्व मुख्य रूप से माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव (गण) की उपासना का प्रतीक है। इसे प्रेम, अखंड सौभाग्य और वसंत ऋतु के आगमन का सूचक माना जाता है।

उत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम को महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में माता गौरी की स्तुति करते हुए ‘झांलरीया’ (गरबा) प्रस्तुत करती हैं। आयोजन समिति के सदस्य विभिन्न पौराणिक और सामाजिक विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन भी करते हैं।

महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। इस दौरान सामूहिक रूप से विश्व शांति की प्रार्थना भी की जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती होली के अगले दिन अपने मायके आती हैं। कई दिनों की सेवा-भक्ति के बाद भगवान शिव उन्हें लेने आते हैं, जिसे विदाई उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

नौ दिवसीय इस महोत्सव का समापन 21 मार्च को होगा। समापन के दिन बिदाई भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर के श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर माता गौरी को विदाई देंगे।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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