मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में संपत्ति के विवाद ने एक भयानक रूप ले लिया। प्लॉट के कब्जे को लेकर हुए एक हिंसक विवाद में ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है।
मामले की पूरी सच्चाई: मामूली कहासुनी से खूनी खेल तक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद एक कीमती प्लॉट के स्वामित्व और कब्जे को लेकर काफी समय से चल रहा था। घटना वाले दिन आरोपी पुलिसकर्मी (ASI) दूसरे पक्ष के साथ विवादित स्थल पर पहुंचा, जहां बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर ASI ने अपनी सरकारी रिवॉल्वर/सर्विस हथियार निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।
हादसे में नुकसान: एक की जान गई, अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहे दो घायल
गोलीबारी के दौरान गोली लगने से एक युवक ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। वहीं, दो अन्य युवकों को पेट और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय निवासियों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल/हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई: आरोपी एएसआई गिरफ्तार, मामले की जांच शुरू
घटना के तुरंत बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर लिया है और उसका हथियार जब्त कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


