( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
हाइड्रो और केमिकल पाउडर से नकली धातु को सोना बनाने का झांसा, अलग-अलग किस्तों में रकम लेने का आरोप; WhatsApp चैट, वीडियो और लेन-देन के साक्ष्य पुलिस को सौंपे
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ नकली धातु को कथित तौर पर विशेष रसायनों की मदद से सोने में बदलने का लालच देकर दो लोगों से करीब 52 लाख 50 हजार रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने हाइड्रो समेत कई तरह के केमिकल और पाउडर के इस्तेमाल से सोना तैयार करने की कथित प्रक्रिया बताई और इसी दावे के जरिए उन्हें भरोसे में लिया। इसके बाद अलग-अलग मौकों पर उनसे बड़ी रकम ली गई। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के साथ हुई बातचीत और रकम के लेन-देन से संबंधित डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही है। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है।
सोना तैयार करने की कथित प्रक्रिया बताई
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें बताया था कि एक विशेष तकनीक के जरिए सामान्य या नकली धातु को सोने में परिवर्तित किया जा सकता है। इसके लिए कुछ खास केमिकल और पाउडर की जरूरत होने की बात कही गई। आरोपियों के दावे पर विश्वास करने के बाद दोनों शिकायतकर्ता उनके संपर्क में रहे। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, केमिकल उपलब्ध कराने और अन्य खर्चों के नाम पर उनसे अलग-अलग समय पर रकम लेना शुरू किया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार कई बार भुगतान करने के बाद उनके द्वारा दी गई कुल राशि करीब 52.50 लाख रुपए हो गई।
रकम देने के बाद बढ़ता गया इंतजार
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि कथित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोना तैयार हो जाएगा। इसी उम्मीद में वे आरोपियों की मांग के अनुसार रकम देते रहे। बाद में जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिला तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगना शुरू किया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि वे किसी बड़ी ठगी का शिकार हो चुके हैं।
चैट से लेकर वीडियो तक साक्ष्य होने का दावा
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों से हुई बातचीत की WhatsApp चैट, वीडियो रिकॉर्डिंग और रुपए के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों से आरोपियों द्वारा किए गए दावों और उनके साथ हुए आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस अब उपलब्ध सामग्री की जांच कर रही है और जरूरत के अनुसार संबंधित डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सकता है।
करीब नौ लोगों को शिकार बनाने का दावा
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर केवल उनके साथ ही नहीं, बल्कि करीब नौ अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है।हालांकि अन्य लोगों से ठगी किए जाने की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इस दावे की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपियों ने कितने लोगों से संपर्क किया और कितने लोगों से रकम ली।
पुराने अपराधों की जानकारी भी जुटाई जा रही
मामले में आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की बात भी शिकायत में सामने आई है। इनमें गोलीकांड सहित अन्य मामलों का उल्लेख किया गया है। पुलिस संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगा रही है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में कौन-कौन से मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि मौजूदा शिकायत में नाम सामने आए लोगों की भूमिका क्या है और कथित ठगी में कितने व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं।
रकम के लेन-देन की होगी पड़ताल
जांच के दौरान पुलिस शिकायतकर्ताओं द्वारा बताई गई 52.50 लाख रुपए की रकम के लेन-देन का सत्यापन कर सकती है। इसके अलावा आरोपियों से संपर्क, WhatsApp चैट, वीडियो, भुगतान के माध्यम और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। जांच में यदि शिकायत में लगाए गए आरोप और उपलब्ध साक्ष्य सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अन्य पीड़ितों के सामने आने पर मामले में और तथ्य जुड़ सकते हैं।


