Thursday, August 20, 2026

TOP NEWS

NMC One Nation One...

देश की चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब एक ही रजिस्ट्रेशन से पूरे...

SBI के करोड़ों ग्राहकों...

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)...

दमोह में स्वास्थ्य व्यवस्था...

दमोह में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: मरीजों को बांट दीं एक्सपायर दवाएं,...

मर्सिडीज-एएमजी ने यूरोप में...

मर्सिडीज-एएमजी ने यूरोप में पेश की नई सुपरकार GT 63 PRO 4MATIC+, भारत...
Homeदेशभागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले विवाद: USCIRF बोला- 'RSS पर लगे...

भागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले विवाद: USCIRF बोला- ‘RSS पर लगे प्रतिबंध, नेताओं को न मिले राजनयिक सम्मान’

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमरीकी दौरे से पहले विवाद: अमेरिकी धार्मिक आयोग (USCIRF) ने की प्रतिबंधों की मांग
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी अमेरिका दौरे से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमरीकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अमेरिकी प्रशासन से आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने और संघ से जुड़े नेताओं पर कड़ी पाबंदियां आयद करने की सिफारिश की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अमरीका जाने वाले हैं। उनकी इस यात्रा से ठीक पहले यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के अध्यक्ष आसिफ महमूद और अन्य सदस्यों ने अमेरिकी सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। आयोग ने अमेरिकी गृह और विदेश विभाग से कहा है कि संघ के नेताओं को अमरीका आगमन पर किसी भी प्रकार का राजकीय या राजनयिक सम्मान न दिया जाए।
आयोग ने अमरीकी प्रशासन से संघ से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों पर लक्षित वित्तीय और वीजा संबंधी प्रतिबंध (Targeted Sanctions) लागू करने का सुझाव दिया है।
USCIRF ने मांग की है कि अमेरिकी सरकार का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी आरएसएस नेताओं के साथ आधिकारिक मुलाकात या मंच साझा न करे

आयोग ने भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए संघ की नीतियों और गतिविधियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
USCIRF केवल एक सलाहकार संस्था के रूप में काम करती है और इसकी सिफारिशों को मानना अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लिए अनिवार्य नहीं है। भारत सरकार लगातार इस आयोग की रिपोर्टों को खारिज करती रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय का स्पष्ट मानना है कि USCIRF भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करता है और उसकी रिपोर्ट्स अक्सर पूर्वाग्रह से ग्रसित और ज़मीनी तथ्यों से परे होती हैं। संघ प्रमुख के अमरीकी दौरे से ठीक पहले आए इस बयान को कूटनीतिक हलकों में दबाव बनाने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments