सागर : शिव मंदिर के सामने शराब दुकान खोलने की तैयारी में ठेकेदार, श्रद्धालुओं में आक्रोश

मध्य प्रदेश के बीना में शिव मंदिर के सामने शराब दुकान खोलने की तैयारी से ग्रामीणों में आक्रोश है। श्रद्धालुओं और रहवासियों ने कलेक्टर, एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दुकानों को दूर स्थानांतरित करने की मांग की।

एन टीवी टाइम प्रतिनिधि/मध्य प्रदेश की बीना तहसील के अंतर्गत मंडीबामोरा में शराब ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में शिव मंदिर के सामने शराब दुकान खोलने की तैयारी से नगरवासियों में रोष है। विभिन्न संगठनों, छात्रों, स्कूल संचालकों और रहवासियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर, एसडीएम और दोनों जिले के आबकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।

नगरवासियों ने दी सड़कों पर उतरने की चेतावनी

रहवासियों का कहना है कि शिव मंदिर के सामने शराब दुकान खुलने से न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, बल्कि नगर का माहौल भी खराब होगा। उन्होंने मांग की है कि दोनों शराब दुकानों को नगर के रहवासी इलाके से दूर स्थानांतरित किया जाए। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो मजबूरन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

अहातों को बंद करने के आदेश के बावजूद खुली बिक्री

नगरवासियों ने बताया कि शिव मंदिर के सामने कुरवाई रोड पर दो शराब दुकानों का बेरोकटोक संचालन हो रहा है। यहां खुले अहातों में अंडा, मांस-मछली की खुलेआम बिक्री की जा रही है, जबकि विभाग ने अहातों को बंद करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। शराब दुकान के बाहर खुलेआम शराब पीने वालों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

रहवासियों ने बताया कि मंदिर के बाहर रोजाना सुबह से रात तक बड़ी संख्या में लोग शराब पीते नजर आते हैं। शराबी मंदिर के सामने ही गाली-गलौज करते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होने के कारण कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

शराब दुकानों को नगर की सीमा से दूर ले जाने की मांग

नगरवासियों ने मांग की है कि दोनों शराब दुकानों को नगर के सीमा क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कलेक्टर, एसडीएम और आबकारी अधिकारियों को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल

शराब ठेकेदारों की मनमानी पर स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब माफिया और अधिकारियों के बीच सांठगांठ के कारण ही नगर के बीचोंबीच दो शराब दुकानों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here