Home बिहार बिहार बाढ़ त्रासदी: 15 जिलों में भारी तबाही, ₹10,000 करोड़ के नुकसान...

बिहार बाढ़ त्रासदी: 15 जिलों में भारी तबाही, ₹10,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान

0

पटना/भागलपुर:
बिहार में मॉनसून के इस सीजन में आई भीषण बाढ़ ने राज्य में भारी तबाही मचाई है. राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा तैयार की गई शुरुआती (प्रारंभिक) रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की वजह से अब तक लगभग ₹10,000 करोड़ की संपत्ति और फसलों के नुकसान का अनुमान लगाया गया है.

केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आई एक उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम ने बुधवार को बिहार के प्रभावित इलाकों (जैसे भागलपुर और मुंगेर) का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया. इस दौरे के बाद राज्य सरकार ने केंद्र के सामने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश कर दी है.

बाढ़ तबाही के मुख्य आंकड़े:

  • प्रभावित जिले व आबादी: राज्य के 15 जिलों के करीब 50 लाख लोग और 2,600 से अधिक गांव इस बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.
  • फसलों का नुकसान: करीब 55,000 हेक्टेयर में लगी फसलें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं.
  • नदियां खतरे के निशान के ऊपर: भारी बारिश और नेपाल से आए पानी के कारण गंगा, कोसी और गंडक सहित राज्य की मुख्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

राहत और वित्तीय मदद की स्थिति:

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं:

  1. ₹7-7 हजार की तत्काल सहायता: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़े राहत अभियान के तहत 8.27 लाख से अधिक पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए ₹579.23 करोड़ की राशि ट्रांसफर की है. प्रत्येक परिवार को ₹7,000 की तत्काल मदद दी जा रही है.
  2. केंद्र का पूरा भरोसा: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावितों से मुलाकात कर भरोसा दिया है कि केंद्र सरकार बिहार को इस आपदा से उबारने के लिए पूरी वित्तीय और ढांचागत मदद प्रदान करेगी. केंद्र ने तुरंत सहायता के लिए ₹400 करोड़ का राहत फंड भी मंजूर किया है.
  3. कम्युनिटी किचन और रेस्क्यू: प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं. विस्थापित लोगों के लिए 1,200 से अधिक कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं.

आगे क्या?

अधिकारियों के मुताबिक, सड़कों, पुलों और खेतों से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा. राज्य सरकार सभी प्रभावित क्षेत्रों का दोबारा बारीक सर्वे कराएगी और 15 अक्टूबर के बाद अंतिम विस्तृत रिपोर्ट (Final Damage Report) केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद अंतिम राहत पैकेज तय होगा.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version