बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में एक बड़ा और दिल दहला देने वाला नाव हादसा हुआ। गंगा नदी की उपधारा में क्षमता से अधिक लोगों से भरी एक छोटी निजी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में नदी में डूबने से 13 नाबालिग बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें से 7 बच्चियां एक ही परिवार की थीं। यह सभी बच्चे पड़ोसी गांव में आयोजित एक श्राद्ध कार्यक्रम का भोज खाने जा रहे थे। इस बड़ी घटना के बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार और कोहराम मचा हुआ है।
यह भीषण दुर्घटना वैशाली जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में हुई।
लापता और रेस्क्यू ऑपरेशन का ताजा अपडेट
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसे के वक्त नाव पर करीब 25 से 35 लोग सवार थे। अब तक नदी से 13 बच्चों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जिनकी उम्र 6 से 15 वर्ष के बीच है। गोताखोरों की मदद से 7 बच्चों को सुरक्षित जिंदा बचाकर इलाज के लिए पटना के एनएमसीएच (NMCH) अस्पताल भेजा गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, 3 से 4 बच्चे अभी भी नदी में लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
प्रमुख नेताओं और अधिकारियों ने हादसे पर जताया दुःख
इस दर्दनाक हादसे पर देश और राज्य के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख प्रकट करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: राष्ट्रपति ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के वैशाली में हुआ यह नाव हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “राघोपुर में हुई यह घटना अत्यंत हृदयविदारक और मर्माहत करने वाली है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रशासन को त्वरित राहत और बचाव कार्य चलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।”
- तेजस्वी यादव (नेता प्रतिपक्ष व स्थानीय विधायक): राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक तेजस्वी यादव ने कहा, “हादसे की खबर मिलते ही मैंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से बात की है और रेस्क्यू में तेजी लाने को कहा है। मैं दिल्ली से लौटकर तुरंत अपने क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंचूंगा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करूंगा।”
- जिलाधिकारी वर्षा सिंह: वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, “हादसे का शिकार हुए सभी मृतक 15 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। 7 बच्चों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया है जहां उनकी हालत स्थिर है और लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी से जारी है।”
पीड़ित परिवारों को क्या सहायता और मुआवजा मिला?
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक मदद और मुआवजे का ऐलान किया गया है:
- बिहार सरकार की सहायता: मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
- केंद्र सरकार (PMO) की सहायता: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और हादसे में घायल हुए बच्चों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया गया है।
- मुफ्त इलाज: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटना के अस्पताल में भर्ती सभी घायलों के समुचित और बेहतर इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
