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पोर्न ऐप्स के जरिए बड़ा साइबर फ्रॉड, सरकार ने ब्लैकलिस्ट किए ये 7 मोबाइल ऐप्स

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नई दिल्ली: इंटरनेट पर एडल्ट या पोर्न कंटेंट देखने की उत्सुकता अब लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर पोर्न ऐप्स का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का यह नया और खतरनाक हथियार ढूंढ निकाला है।

कैसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग?

सरकार की साइबर विंग के मुताबिक, यह स्कैम सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन से शुरू होता है:

  1. फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन: स्कैमर्स इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक या एडल्ट कंटेंट के विज्ञापन दिखाते हैं।
  2. फर्जी वेबसाइट पर री-डायरेक्ट: जैसे ही कोई यूजर इस विज्ञापन पर क्लिक करता है, उसे एक अनजान या फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है।
  3. APK फाइल डाउनलोड करना: पूरा वीडियो या कंटेंट देखने के लिए यूजर से एक ऐप (APK फाइल) डाउनलोड करने को कहा जाता है।
  4. फोन का पूरा कंट्रोल: इंस्टॉल होते ही यह ऐप फोन की Accessibility Permission (एक्सेसिबिलिटी परमिशन) मांगता है। परमिशन मिलते ही ठगों के पास यूजर के फोन का पूरा कंट्रोल चला जाता है, जिससे वे बैंकिंग पिन, OTP और पासवर्ड चुराकर पूरा बैंक खाता साफ कर देते हैं।

भूलकर भी न खोलें ये ऐप्स (सरकार द्वारा जारी लिस्ट)

सरकार की नेशनल साइबर थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने विशेष रूप से इन 7 एंड्रॉयड ऐप्स और इनके वेरिएंट्स को लेकर अलर्ट जारी किया है:

  • Night Play
  • Reloop
  • Kyss
  • Vimo
  • Rivo
  • Nexo
  • Vixa

नोट: ये ऐप्स इतने शातिर हैं कि इंस्टॉल होने के बाद फोन में बैकग्राउंड में VPN (वर्कर प्राइवेट नेटवर्क) बना लेते हैं और इन्हें सामान्य तरीके से अनइंस्टॉल करना भी मुश्किल हो जाता है।‌

बचाव के लिए क्या करें?

  • गूगल प्ले स्टोर के बाहर से डाउनलोड न करें: किसी भी अनजान वेबसाइट या विज्ञापन पर क्लिक करके ऐप डाउनलोड (APK) बिल्कुल न करें।
  • परमिशन सोच-समझकर दें: किसी भी ऐप को अपने फोन की एक्सेसिबिलिटी या संवेदनशील परमिशन न दें।
  • प्ले प्रोटेक्ट ऑन रखें: अपने एंड्रॉइड फोन में Google Play Protect को हमेशा ऑन रखें।

अगर आपके साथ ऐसा कोई फ्रॉड होता है, तो तुरंत भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


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