Home Uncategorized 700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: मास्टरमाइंड राजीव रंगीला गिरफ्तार, नौकरों और चायवालों...

700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: मास्टरमाइंड राजीव रंगीला गिरफ्तार, नौकरों और चायवालों के नाम पर बनाई थीं फर्जी कंपनियां

0

700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: मास्टरमाइंड राजीव रंगीला गिरफ्तार, नौकरों और चायवालों के नाम पर बनाई थीं फर्जी कंपनियां

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए करीब 700 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण और दवा खरीद घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड राजीव कुमार रंगीला (उर्फ राजीव अरोड़ा) को गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबे समय से फरार चल रहे रंगीला ने कानूनी शिकंजा कसने और संपत्तियां कुर्क होने के डर से आखिरकार दिल्ली में सरेंडर कर दिया।

गरीबों को बनाया ‘कागजी मालिक’, खुद उड़ाए करोड़ों

एसीबी (ACB) की जांच में राजीव रंगीला की जालसाजी का एक बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। रंगीला ने टैक्स चोरी करने और सरकारी फंड को डाइवर्ट करने के लिए दर्जनों शेल (फर्जी) कंपनियां खड़ी कर रखी थीं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन कंपनियों का मालिकाना हक उसने अपने घर के नौकर, सफाई कर्मचारियों और स्थानीय चाय बेचने वालों के नाम पर दर्ज कर रखा था। इन मासूम लोगों को भनक तक नहीं थी कि वे करोड़ों की कंपनियों के मालिक हैं, जबकि इन सभी कंपनियों के बैंक खातों और पैसों का पूरा कंट्रोल खुद राजीव रंगीला संभाल रहा था।

कैसे दिया 700 करोड़ के घोटाले को अंजाम?

यह पूरा मामला दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि राजीव रंगीला ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और कुछ मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट बनाया था।

इस सिंडिकेट ने टेंडर की शर्तों में इस तरह से हेरफेर की, जिससे सिर्फ रंगीला की फर्जी कंपनियों को ही ठेके मिल सकें। इसके बाद सरकारी अस्पतालों में सप्लाई किए जाने वाले मेडिकल इक्विपमेंट को बाजार से कई गुना ज्यादा कीमतों पर बेचा गया। उदाहरण के तौर पर:

  • जो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें बाजार में ₹10 लाख की मिलती थीं, उन्हें अस्पतालों को ₹33 लाख में सप्लाई किया गया।
  • मामूली कीमतों वाली बेडशीट और ओआरएस (ORS) पैकेट्स को भी 3 से 5 गुना महंगी दरों पर बिल कर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।

अमेरिका भाग गया था आरोपी, कोर्ट ने दी 4 दिन की रिमांड

इस मामले में जब जून में पहली बड़ी गिरफ्तारी (CPA के तत्कालीन प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा) हुई, तो राजीव रंगीला देश छोड़कर अमेरिका फरार हो गया था। जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) और गैर-जमानती वारंट जारी करवाया था। हाल ही में जब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में उसकी संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की प्रक्रिया शुरू की, तो रंगीला के पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

अदालत ने आरोपी राजीव रंगीला को 4 दिन की एसीबी (ACB) कस्टडी में भेज दिया है। जांच टीम अब रंगीला से पूछताछ कर स्वास्थ्य विभाग की गायब फाइलों और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदार अधिकारियों और नेताओं के नामों का पता लगाने में जुटी है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version